“यूपी क्राइम अंबेडकरनगर हत्याकांड: मां और चार बच्चों की हत्या में पुलिस की शुरुआती थ्योरी गलत साबित हुई। आरोपी आमिर की साजिश से पूरे मामले में नया मोड़ आया।“
अंबेडकरनगर। जिले में मां और चार बच्चों की हत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस की शुरुआती जांच गलत साबित हुई है। मुख्य आरोपी आमिर की सुनियोजित साजिश के चलते पुलिस पहले दिन पूरी तरह गुमराह हो गई और मां को ही हत्यारोपी मान लिया गया।
शनिवार को डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो एक कमरे में चार बच्चों के शव मिले, जबकि उनकी मां गासिया गायब थी। बिना गहन जांच और डॉग स्क्वायड की मदद लिए पुलिस ने जल्दबाजी में निष्कर्ष निकाल लिया कि मां ही बच्चों की हत्या कर फरार हो गई है। इसी आधार पर पुलिस ने परिजनों और रिश्तेदारों के यहां दबिश देना शुरू कर दिया।
हालांकि, अगले दिन घटनास्थल के पास नाले से गासिया का शव बरामद होने पर पूरा मामला पलट गया। इसके बाद जांच में आमिर का नाम सामने आया, जिसने पुलिस को गुमराह करने के लिए पूरी वारदात को सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आमिर रात में घर में घुसा और पहले गासिया पर हमला कर उसे बेहोश किया, फिर सो रहे बच्चों की हत्या कर दी। इसके बाद उसने ऐसा माहौल बनाया कि शक मां पर जाए। गासिया को घर से बाहर ले जाकर नाले में फेंक दिया और उसके मोबाइल व अन्य सबूत भी मिटाने की कोशिश की।
पुलिस ने आरोपी आमिर को मुठभेड़ में मार गिराया है, लेकिन इस जघन्य हत्याकांड को लेकर कई सवाल अब भी खड़े हैं। क्या इतनी बड़ी वारदात अकेले एक व्यक्ति ने अंजाम दी? घटना के दौरान किसी को भनक क्यों नहीं लगी? और आरोपी के बारे में पहले से जानकारी होने के बावजूद समय रहते पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई?
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
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