“CM योगी आदित्यनाथ ने नवरात्रि पर कहा कि उत्तर प्रदेश अब नारी सुरक्षा और सामर्थ्य की नई पहचान बना है। मिशन शक्ति, महिला बीट पुलिसिंग और पुलिस बल में 44 हजार से अधिक महिला कर्मियों को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या कहा? पढ़ें पूरी खबर।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और नारी सशक्तीकरण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार का पक्ष रखा है। शारदीय नवरात्रि की द्वितीया पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले महिला सुरक्षा को लेकर सवालों का सामना करने वाला उत्तर प्रदेश अब नारी सुरक्षा और सामर्थ्य की नई पहचान बना है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा अपने संदेश में कहा कि बीते साढ़े नौ वर्षों में अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति, तकनीक आधारित निगरानी, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जन-जागरूकता अभियानों ने महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नवरात्रि पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, संकल्प और दृढ़ इच्छाशक्ति का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि की द्वितीया पर मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने मां के तप, त्याग और संकल्प को जीवन में दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बताया।
सीएम ने कहा कि मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप यह संदेश देता है कि मजबूत संकल्प और निरंतर प्रयास से कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। नवरात्रि के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के साथ मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा तथा सशक्तीकरण के मुद्दे को भी अपने संदेश में प्रमुखता दी।
मिशन शक्ति से महिला सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने का दावा
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में महिला सुरक्षा के लिए शुरू की गई विभिन्न पहलों का उल्लेख किया। उन्होंने मिशन शक्ति के पांच चरणों, सेफ सिटी परियोजना, मिशन शक्ति केंद्रों और महिला बीट पुलिसिंग को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने वाले प्रमुख कदम बताया।
सरकार की इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई, पुलिस तक उनकी पहुंच बेहतर बनाने, जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
महिला बीट पुलिसिंग के माध्यम से पुलिस और महिलाओं के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया जाता है। वहीं, जन-जागरूकता अभियान महिलाओं को उपलब्ध सहायता और शिकायत निवारण के माध्यमों की जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यूपी पुलिस में 44 हजार से अधिक महिला कर्मी होने का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला कार्यबल की संख्या बढ़ने का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, 20 प्रतिशत आरक्षण के साथ प्रदेश पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 44 हजार से अधिक हो गई है।
यह आंकड़ा पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में सरकार की ओर से प्रस्तुत प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है। महिला पुलिसकर्मियों की अधिक भागीदारी से महिलाओं से संबंधित शिकायतों की सुनवाई और पुलिस सेवाओं तक पहुंच बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि और वर्तमान स्थिति जानने के लिए संबंधित सरकारी विभाग के नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों को देखना जरूरी है।
तीन महिला पीएसी बटालियनों का भी किया उल्लेख
सीएम योगी ने महिला सुरक्षा और महिला बल की भागीदारी के संदर्भ में तीन महिला पीएसी बटालियनों के गठन का जिक्र किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन बटालियनों का नाम वीरांगनाओं के नाम पर रखा गया है।
- लखनऊ: वीरांगना ऊदा देवी पासी महिला पीएसी बटालियन।
- गोरखपुर: वीरांगना झलकारी बाई कोरी महिला पीएसी बटालियन।
- बदायूं: वीरांगना अवंतीबाई लोधी महिला पीएसी बटालियन।
इन नामों के जरिए महिला वीरता और ऐतिहासिक योगदान को सम्मान देने का संदेश भी सामने आता है। महिला बल की भागीदारी बढ़ाना पुलिस व्यवस्था में महिलाओं के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने की व्यापक पहल से जुड़ा है।
जीरो टॉलरेंस नीति और तकनीक आधारित निगरानी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ तकनीक आधारित निगरानी तथा पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने महिला सुरक्षा को मजबूत करने में भूमिका निभाई है।
महिला सुरक्षा किसी भी राज्य के लिए कानून-व्यवस्था का महत्वपूर्ण विषय है। इसमें पुलिस की सक्रियता के साथ शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई, पीड़ितों को सहायता, अपराध की रोकथाम और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा जैसे पहलू भी शामिल हैं।
सरकार की ओर से महिला सुरक्षा में बदलाव का दावा किया गया है। इस दावे का व्यापक आकलन करने के लिए अपराध के आधिकारिक आंकड़ों, दर्ज मामलों, जांच और निस्तारण की स्थिति तथा महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े स्वतंत्र सर्वेक्षणों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।
‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार महिला सुरक्षा से लेकर सशक्तीकरण तक की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने इसे ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के संकल्प से जोड़ा।
महिला सुरक्षा के साथ शिक्षा, रोजगार, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी भी सशक्तीकरण के महत्वपूर्ण पहलू हैं। इन क्षेत्रों में नीतियों के प्रभाव का आकलन योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पहुंच के आधार पर किया जाता है।
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