पश्चिम एशिया में बढ़ा युद्ध का खतरा, ईरान के पेट्रोकेमिकल हब पर इजरायल का हमला

महशहर पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर एयरस्ट्राइक, ईरान ने नेवतिम और तेल नोफ एयरबेस पर मिसाइल हमले का दावा किया; कतर ने शुरू की मध्यस्थता की कोशिश

ईरान-इजरायल युद्ध 2026 के बीच भारतीय दूतावास ने नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने और वहां मौजूद भारतीयों को जल्द देश छोड़ने की सलाह दी है। महशहर पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमले और मिसाइल हमलों के बाद West Asia Crisis गहरा गया है।

तेहरान/तेल अवीव। पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच जारी सैन्य टकराव लगातार गंभीर होता जा रहा है। सोमवार को दोनों देशों के बीच मिसाइल और हवाई हमलों का सिलसिला और तेज हो गया। इजरायली सेना ने ईरान के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित महशहर पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हवाई हमला करने की पुष्टि की है, जबकि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने इजरायल के नेवतिम और तेल नोफ एयरबेस पर मिसाइल हमले का दावा किया है।

महशहर पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर एयरस्ट्राइक

इजरायली सेना के अनुसार उसकी वायुसेना ने ईरान के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल केंद्र माने जाने वाले महशहर क्षेत्र के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी पुष्टि की। हालांकि हमले से हुए नुकसान और हताहतों की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा अवसंरचना पर हमला दोनों देशों के बीच संघर्ष को और व्यापक बना सकता है, क्योंकि महशहर ईरान के पेट्रोकेमिकल निर्यात का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।

ईरान का दावा- एयरबेस पर किया बड़ा मिसाइल हमला

दूसरी ओर आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने “ऑपरेशन नस्र” के तहत इजरायल के नेवतिम और तेल नोफ एयरबेस को निशाना बनाया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई उसके सैन्य और रडार ठिकानों पर हुए इजरायली हमलों के जवाब में की गई।

इजरायल में हमले की चेतावनी के बाद कई क्षेत्रों में सायरन बजाए गए और नागरिकों को सुरक्षित बंकरों में जाने के निर्देश जारी किए गए। इजरायली रक्षा प्रणाली को भी सक्रिय कर दिया गया।

कतर ने संभाली मध्यस्थता की पहल

तनाव कम करने के प्रयासों के तहत कतर ने एक बार फिर कूटनीतिक पहल तेज की है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, अमेरिका-ईरान वार्ता और युद्धविराम की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

कतर ने कहा है कि वह क्षेत्र में स्थायी शांति और तनाव कम करने के हर प्रयास का समर्थन करता रहेगा।

तबरीज और अन्य शहरों में भी हमले

ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सोमवार सुबह तबरीज स्थित एक सैन्य केंद्र को भी इजरायली हमले का निशाना बनाया गया। यह हमला तेहरान और इस्फहान में हुए धमाकों के लगभग समान समय पर हुआ। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी बड़े नुकसान या जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है।

वहीं ईरान ने दावा किया है कि उसने एक बार फिर इजरायल की ओर मिसाइलें दागी हैं, जिसके बाद इजरायली रक्षा प्रणाली को सक्रिय करना पड़ा।

भारतीयों के लिए अलर्ट

बिगड़ते हालात के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने नई एडवाइजरी जारी करते हुए भारतीय नागरिकों से ईरान की यात्रा न करने की अपील की है। साथ ही वहां मौजूद भारतीयों को उपलब्ध परिवहन साधनों के जरिए जल्द से जल्द देश छोड़ने की सलाह दी गई है।

दूतावास ने कहा कि क्षेत्र में तेजी से बदलते सुरक्षा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिक सतर्क रहें और स्थानीय प्रशासन तथा दूतावास के निर्देशों का पालन करें।

हूती विद्रोहियों की चेतावनी

यमन के हूती विद्रोहियों ने भी ईरान का समर्थन करते हुए इजरायल को बड़े हमलों की चेतावनी दी है। समूह ने दावा किया है कि उसने इजरायल के कुछ संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाया है और यदि संघर्ष बढ़ा तो जवाबी कार्रवाई और तेज होगी।

पूरे क्षेत्र पर मंडरा रहा बड़े युद्ध का खतरा

लगातार हो रहे मिसाइल हमलों, एयरस्ट्राइक, क्षेत्रीय गुटों की सक्रियता और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने से पश्चिम एशिया में व्यापक युद्ध की आशंका बढ़ गई है। अमेरिका समेत कई देश दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील कर रहे हैं।

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