“वाराणसी में कांग्रेस कार्यालय पर ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन हुआ। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि तिरंगा और राष्ट्रभक्ति किसी राजनीतिक दल की बपौती नहीं है।“
वाराणसी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत और राष्ट्रीय चेतना को याद करते हुए सोमवार को लहुराबीर स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आवासीय कार्यालय पर ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों एवं महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की लोकतांत्रिक एवं राष्ट्रीय मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय और गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। इसके बाद कांग्रेसजनों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया।
‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता चेतना की आवाज : अजय राय
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ महज शब्दों और स्वरों का गीत नहीं है, बल्कि यह देश की गुलामी के दौर में करोड़ों भारतीयों के भीतर पैदा हुई स्वतंत्रता की चेतना, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की आवाज है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान असंख्य लोगों ने अंग्रेजी हुकूमत के सामने झुकने से इनकार किया और देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
उन्होंने कहा कि आज ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन करने का उद्देश्य उस इतिहास को याद करना है, जब जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र से ऊपर उठकर देशवासियों ने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी।
कांग्रेस के अधिवेशनों से जुड़ा है ‘वंदे मातरम्’ का इतिहास
अजय राय ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का इतिहास भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन और कांग्रेस के इतिहास से गहराई से जुड़ा रहा है। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत बाद में उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ का हिस्सा बना। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बन गया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1896 में कलकत्ता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया था। इसके बाद कांग्रेस के विभिन्न अधिवेशनों और स्वतंत्रता आंदोलन के कार्यक्रमों में भी यह गीत राष्ट्रीय चेतना का महत्वपूर्ण माध्यम बना रहा। 1905 के बंगाल विभाजन विरोधी स्वदेशी आंदोलन के दौरान भी ‘वंदे मातरम्’ की गूंज व्यापक रूप से सुनाई दी।
‘राष्ट्रभक्ति का प्रमाणपत्र बांटने वालों को इतिहास देखना चाहिए’
अजय राय ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आज जो लोग दूसरों को राष्ट्रभक्ति का प्रमाणपत्र बांट रहे हैं, उन्हें अपने इतिहास के पन्ने भी पलटकर देखने चाहिए। उन्होंने आरएसएस का नाम लेते हुए कहा कि जिन लोगों के संगठन के इतिहास को लेकर सवाल उठते रहे हैं, वे आज कांग्रेस और स्वतंत्रता सेनानियों को राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंग्रेजी शासन के दौरान जेलें काटीं, लाठियां खाईं और यातनाएं सहीं। स्वतंत्रता आंदोलन में कांग्रेस की भूमिका को इतिहास से मिटाया नहीं जा सकता।
‘तिरंगा किसी एक दल की संपत्ति नहीं’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि तिरंगा किसी एक संगठन या राजनीतिक दल का झंडा नहीं है। यह करोड़ों भारतीयों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति को राजनीतिक हथियार बनाकर किसी दूसरे भारतीय को देशभक्ति का प्रमाणपत्र देना उचित नहीं है।
अजय राय ने कहा कि कांग्रेस का राष्ट्रवाद धर्म, जाति या भाषा के आधार पर विभाजन करने वाला राष्ट्रवाद नहीं, बल्कि सभी को साथ लेकर चलने वाला समावेशी राष्ट्रवाद है। स्वतंत्रता आंदोलन की ताकत भी यही थी कि किसान, मजदूर, विद्यार्थी, महिलाएं, व्यापारी, वकील और समाज के अलग-अलग वर्ग एक साझा उद्देश्य के लिए एकजुट हुए थे।
आरएसएस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ को प्रमुखता देने की मांग
अजय राय ने कहा कि यदि आरएसएस और भाजपा को ‘वंदे मातरम्’ को लेकर इतनी चिंता है तो इसकी शुरुआत अपने कार्यक्रमों से करनी चाहिए। उन्होंने आरएसएस के पदसंचलन और अन्य कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन को प्रमुखता देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में आज भी इस ऐतिहासिक गीत का सम्मानपूर्वक गायन किया जाता है। ऐसे में राष्ट्रभक्ति को लेकर कांग्रेस को उपदेश देने के बजाय सभी संगठनों को अपने कार्यक्रमों में राष्ट्रीय चेतना से जुड़े प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए।
चंदा चोरी और लाठीचार्ज के मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप
अजय राय ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चंदा चोरी और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के विषय उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा के लोगों ने हमला किया।
उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। अजय राय ने चेतावनी दी कि यदि थाने में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो कांग्रेस न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी और अदालत के माध्यम से मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन के महानायकों को याद करते हुए देश की एकता, लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प लिया। अजय राय ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश की स्वतंत्रता चेतना से जुड़ा ऐतिहासिक गीत है और इसे राजनीतिक विवाद का विषय बनाने के बजाय राष्ट्रीय भावना के रूप में सम्मान दिया जाना चाहिए।









