लखनऊ में 10 लाख लोगों को मिलेगा आशियाना, वरुण विहार-नैमिष नगर आवासीय योजनाओं का सीएम योगी ने किया भूमिपूजन

“लखनऊ में वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजना का CM योगी ने भूमिपूजन किया। 10,680 एकड़ में 12 हजार करोड़ की लागत से विकास, 4520 भूखंड और 4150 फ्लैट प्रस्तावित हैं।“

लखनऊ। लखनऊ में वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजनाओं के जरिए राजधानी के विस्तार को नई दिशा देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को आगरा एक्सप्रेसवे के निकट ग्राम दोना में आयोजित कार्यक्रम में दोनों आवासीय योजनाओं का भूमिपूजन किया। सरकार के अनुसार, इन योजनाओं से आने वाले समय में 10 लाख से अधिक लोगों को आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

10,680 एकड़ में विकसित होंगी दोनों आवासीय योजनाएं

वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजनाओं को करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से 10,680 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित करने की योजना है। इनमें वरुण विहार का क्षेत्रफल करीब 6500 एकड़ और नैमिष नगर का क्षेत्रफल करीब 4100 एकड़ बताया गया है।

इन योजनाओं के जरिए लखनऊ के सुनियोजित विस्तार के साथ आवास, सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को एकीकृत तरीके से विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। दोनों परियोजनाओं को करीब तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

4520 भूखंडों का पंजीकरण शुरू

लखनऊ आवासीय योजना के तहत वरुण विहार में 2847 भूखंड और सीतापुर रोड क्षेत्र में विकसित होने वाली नैमिष नगर योजना में 1673 भूखंड शामिल हैं। इस तरह दोनों योजनाओं में कुल 4520 भूखंडों का पंजीकरण शुरू हो चुका है।

एलडीए के अनुसार, दोनों योजनाओं में आगे चलकर 50 हजार से अधिक आवास विकसित किए जाने की संभावना है। इससे लखनऊ की बढ़ती आवासीय जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

4150 फ्लैट भी होंगे तैयार

भूखंडों के साथ ही लखनऊ में पांच मल्टीस्टोरी हाउसिंग प्रोजेक्ट भी विकसित किए जा रहे हैं। करीब 2166 करोड़ रुपये की प्रस्तावित लागत वाले इन प्रोजेक्ट में लेक व्यू, पार्क व्यू, ऐशबाग स्क्वायर, अनंत नगर योजना स्थित अदिति अपार्टमेंट और शारदा नगर विस्तार स्थित वागेश्वरी अपार्टमेंट शामिल हैं।

इन परियोजनाओं में कुल 4150 फ्लैट बनाए जाने हैं। इनमें से करीब 1000 फ्लैटों की बुकिंग हो चुकी है, जबकि शेष फ्लैटों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है।

वरुण विहार को गोमती नगर से बड़ा बनाने की योजना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वरुण विहार योजना क्षेत्रफल के लिहाज से गोमती नगर से भी बड़ी होगी। उन्होंने इसे लखनऊ के भविष्य के विस्तार से जोड़ते हुए कहा कि राजधानी में बढ़ती आबादी और आवास की जरूरतों को देखते हुए योजनाबद्ध तरीके से नए आवासीय क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पहले लोग कई बार बिना समुचित बुनियादी सुविधाओं के जमीन खरीदकर मकान बनाते थे। ऐसी स्थिति में सड़क, बिजली, पानी और जल निकासी जैसी सुविधाओं का अभाव रहता था। नई आवासीय योजनाओं में इन सुविधाओं को नियोजित तरीके से विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

लखनऊ और सीतापुर के बीच बेहतर होगी कनेक्टिविटी

नैमिष नगर योजना लखनऊ और सीतापुर के सीमावर्ती क्षेत्र से जुड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में लखनऊ और सीतापुर के बीच दूरी कम करने के लिए फोरलेन कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी।

वरुण विहार क्षेत्र को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। इससे नई आवासीय योजनाओं में रहने वाले लोगों के लिए राजधानी के साथ-साथ दूसरे प्रमुख क्षेत्रों तक आवागमन आसान होने की उम्मीद है।

किसानों को सीधे मिलेगा मुआवजा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आवासीय योजनाओं के लिए जिन किसानों की जमीन ली जाएगी, उन्हें सीधे मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एलडीए और किसानों के बीच किसी मध्यस्थ की भूमिका नहीं होगी।

यह व्यवस्था भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया को सीधे रखने के उद्देश्य से बताई गई है। आवासीय परियोजनाओं के विस्तार के साथ किसानों के हितों और भूमि संबंधी प्रक्रिया को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर ध्यान दिया जा रहा है।

नैमिषारण्य की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा गया नैमिष नगर

मुख्यमंत्री ने नैमिष नगर योजना के नाम और क्षेत्र को नैमिषारण्य की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए कहा कि इस क्षेत्र की पहचान को बनाए रखते हुए विकास किया जाएगा।

नैमिषारण्य धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। लखनऊ-सीतापुर क्षेत्र में नई आवासीय योजना विकसित होने से यहां आवासीय विस्तार के साथ कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे के विकास को भी गति मिलने की संभावना है।

एससीआर से जुड़े जिलों के विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के तहत लखनऊ के साथ उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, सीतापुर और रायबरेली के क्षेत्रीय विकास की योजना का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में पब्लिक मोबिलिटी, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, पर्यटन और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए व्यवस्थित तरीके से काम किया जा रहा है।

रोजगार और शिक्षा के लिए राजधानी आने वालों को मिलेगा विकल्प

वरुण विहार और नैमिष नगर जैसी योजनाओं को लखनऊ में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए आने वाली आबादी की आवासीय जरूरतों से भी जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों, हेल्थकेयर सेक्टर में अवसर तलाशने वाले युवाओं और रोजगार के लिए राजधानी आने वाले लोगों के लिए ये आवासीय क्षेत्र महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

लखनऊ में वरुण विहार और नैमिष नगर आवासीय योजनाओं के विकसित होने के साथ राजधानी के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में आवासीय विस्तार को नई गति मिलने की उम्मीद है। योजनाओं में आवास के साथ सड़क, कनेक्टिविटी और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।

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