उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया अपनी अंतिम चरण में है, लेकिन 90.90 लाख फॉर्म अभी भी डिजिटाइजेशन के लिए पेंडिंग हैं। राज्य में 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 14.52 करोड़ फॉर्म फीड किए जा चुके हैं। 11 दिसंबर आखिरी तारीख है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में चल रही SIR (Summary Intensive Revision) प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुँच चुकी है, लेकिन चुनौतियाँ अब भी कायम हैं। राज्य के कुल 15.44 करोड़ मतदाता आधार में अब तक लगभग सभी को गणना प्रपत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 14.52 करोड़ मतदाताओं के फॉर्म फीड किए जा चुके हैं, जो कुल संख्या का 94.04% हिस्सा है। इसके बावजूद 90.90 लाख SIR फॉर्म अभी भी डिजिटाइजेशन के लिए पेंडिंग हैं, जो प्रक्रिया की रफ्तार पर सवाल खड़े करते हैं।
11 दिसंबर है SIR प्रक्रिया की अंतिम समयसीमा
SIR प्रक्रिया को पूरा करने की अंतिम तारीख 11 दिसंबर 2025 तय की गई है। ऐसे में प्रशासन और फील्ड टीमें दबाव में हैं कि शेष लाखों फॉर्म को जल्द से जल्द सिस्टम में अपलोड किया जा सके।
सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में फॉर्म की एंट्री धीमी है, जबकि कुछ जिलों में अंतिम चरण में काम तेजी से बढ़ाया गया है।
SIR प्रक्रिया महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके आधार पर वोटर लिस्ट का अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा और आगामी चुनाव के लिए मतदाता डेटा अपडेट किया जाएगा।
अगर समयसीमा तक डिजिटाइजेशन पूरा नहीं होता, तो लाखों मतदाताओं का डेटा अधूरा रह सकता है, जिससे प्रशासनिक दिक्कतें भी बढ़ेंगी।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल








