राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क अज़ान खीरी : सरकारों की अनदेखी के बीच मांझा के ग्रामीणों ने अपने दम पर सरजू नदी पर लगभग 100 मीटर लंबा लकड़ी का अस्थायी पुल बनाकर तैयार कर दिया है। यह पुल न केवल ग्रामीणों के लिए एक बड़ी राहत है, बल्कि यह भी साबित करता है कि मजबूत हौसला और समाज के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो बड़ी से बड़ी रुकावट दूर की जा सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पुल निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों से लेकर जिला मुख्यालय तक के चक्कर लगाए, लेकिन किसी ने भी इस पुल को बनवाने की पहल नहीं की। यह जनप्रतिनिधियों के लिए एक सबक है कि वे ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लें। पुल निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले कुलवंत सिंह, हरविंदर सिंह, सुखविंद्र सिंह, मोनू, गोलू ने बताया कि पुल निर्माण कराने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है। उन्होंने बताया कि पुल के बनने से अब एक घंटे की दूरी 10 मिनट में तय की जा सकती है, जो ग्रामीणों के लिए एक बड़ी सुविधा है।
लेकिन यह पुल अस्थायी है और बरसात में भारी वर्षा के चलते नदी में बह जाता है। इसलिए, ग्रामीणों की मांग है कि सरकार इस पुल को स्थायी रूप से बनवाए।
ग्रामीणों का यह जज्बा और उनकी एकता देखकर लोग उनकी प्रशंसा कर रहे हैं। यह पुल न केवल ग्रामीणों के लिए एक बड़ी राहत है, बल्कि यह भी साबित करता है कि समाज में अभी भी अच्छे लोग हैं जो अपने समाज के लिए कुछ कर गुजरने को तैयार हैं।







