“Samrat Choudhary CM Story: बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बचपन में पिता से किया वादा पूरा किया। जानिए संघर्ष, त्याग और सफलता की पूरी कहानी।“
मुंगेर/पटना। बिहार की सियासत में नया अध्याय लिखते हुए Samrat Choudhary के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही एक भावुक पारिवारिक कहानी भी सामने आई है। उनके पिता Shakuni Choudhary ने बताया कि सम्राट ने बचपन में ही उनसे वादा किया था—“पापा, आप मुख्यमंत्री नहीं बन पाए, लेकिन मैं एक दिन बनकर दिखाऊंगा।” आज उनका यह वादा सच हो गया।
सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने की घोषणा होते ही परिवार में भावुक माहौल बन गया। पिता शकुनी चौधरी की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष, त्याग और धैर्य की जीत है।
शकुनी चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन के कठिन दौर को याद करते हुए बताया कि उनकी सीधी टक्कर कभी Lalu Prasad Yadav और उनके दल से रही। उस समय उन्हें कई राजनीतिक साजिशों और विश्वासघात का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाने का वादा किया था, लेकिन बाद में यह पद किसी और को दे दिया गया, जिससे राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी।
उन्होंने यह भी बताया कि संघर्ष के दौर में उनके परिवार को झूठे मामलों में फंसाया गया, यहां तक कि नाबालिग सम्राट को भी एक मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि बाद में न्याय मिला और परिवार पूरी तरह बरी हो गया। यही वह समय था, जब सम्राट के भीतर राजनीति के प्रति जज्बा पैदा हुआ।
सम्राट की सफलता में उनकी मां पार्वती देवी के त्याग का भी बड़ा योगदान रहा। शकुनी चौधरी के अनुसार, जब उन्हें मंत्री बनने का अवसर मिला तो उन्होंने खुद पद स्वीकार करने के बजाय बेटे को आगे बढ़ाया। यही निर्णय आज एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है।
राजनीतिक जीवन में सम्राट चौधरी ने विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी कार्यशैली, अनुशासन और सभी वर्गों से बेहतर संबंध उनकी ताकत रहे हैं। पिता का कहना है कि आज भी सम्राट परिवार के संस्कारों से जुड़े हुए हैं और हर बड़े फैसले में सलाह लेते हैं।
यह कहानी केवल एक नेता के मुख्यमंत्री बनने की नहीं, बल्कि एक परिवार के संघर्ष, विश्वास और सपनों के साकार होने की मिसाल बन गई है।
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