ओपी राजभर ने की बड़ी राजनीतिक भूल? मंत्री संजय निषाद का तीखा हमला

“संजय निषाद ने बिहार चुनाव नतीजों के बाद ओपी राजभर पर कड़ा प्रहार किया। कहा—राजभर का बिहार में कोई जनाधार नहीं था, NDA से अलग होकर चुनाव लड़ना उनकी बड़ी गलती थी। जानिए पूरा राजनीतिक विश्लेषण, बैकग्राउंड और चुनावी गणित।”

लखनऊ। बिहार चुनाव परिणामों के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में राजभर का NDA से अलग होकर मैदान में उतरना रणनीतिक रूप से पूरी तरह गलत फैसला था।

संजय निषाद ने कहा कि—
“राजभर का बिहार में कोई जनाधार नहीं था। ऐसे में अलग होकर चुनाव लड़ना NDA वोटों को बांटने जैसा कदम था। यूपी में BJP ने सुभासपा को सम्मान दिया था, उन्हें मंत्री और MLC बनाया था, इसके बाद भी यह फैसला सही नहीं था।”

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। बावजूद इसके भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें NDA में वापस शामिल किया और फिर से महत्व दिया।
संजय निषाद के अनुसार, इस पॉलिटिकल बैकडोर कमबैक के बाद उनसे जिम्मेदार और रणनीतिक व्यवहार की उम्मीद थी।

Bihar Election Strategy: कहाँ हुई गलती?

  • बिहार में सुभासपा का ग्राउंड स्ट्रक्चर बेहद कमजोर रहा।
  • ओबीसी वोटबैंक की राजनीति वहां पहले से कई दलों के बीच विभाजित है।
  • राजभर की पार्टी का संगठनात्मक ढांचा बिहार में केवल कागज़ी स्तर पर था।
  • NDA से अलग होकर लड़ने से एंटी-NDA वोटों की बिखराव की स्थिति बनी।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम राजभर के आत्मविश्वास से अधिक महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।

UP vs Bihar: Political Reality

UP में राजभर का कोर वोटबैंक मौजूद है, लेकिन बिहार में उनका प्रभाव सीमित, कमज़ोर, और अप्रभावी माना जाता रहा है।

संजय निषाद के अनुसार—
“UP में BJP ने राजभर को जितना सम्मान दिया, उतना शायद कोई अन्य गठबंधन नहीं देता। इसलिए बिहार में उन्हें ND A के साथ रहकर चुनावी रणनीति का पालन करना चाहिए था।”

निषाद का NDA को संदेश:-

संजय निषाद का यह बयान यह संकेत देता है कि UP के NDA घटक दल बिहार चुनाव के नतीजों को गंभीरता से लेकर आंतरिक समीक्षा में जुटे हैं।
उनका कहना है कि गठबंधन में रहकर चुनाव लड़ने की रणनीति ही सबसे प्रभावी और जीत दिलाने वाली होती है।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए राष्ट्रीय प्रस्तावना के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button