“Lok Sabha में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 पेश। महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर सरकार और विपक्ष में तीखी बहस, वोटिंग कल शाम 4 बजे।“
नई दिल्ली। संसद के विशेष सत्र के दौरान भारतीय संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े अहम विधेयकों पर जोरदार बहस शुरू हो गई है। नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 में लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 850 करने और नई जनगणना के आधार पर परिसीमन लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। विधेयक को पेश करने के पक्ष में 251 और विरोध में 185 वोट पड़े, जिसके बाद सदन में इस पर विस्तृत चर्चा जारी है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महिला आरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए परिसीमन जरूरी है, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आश्वासन दिया कि इस प्रक्रिया में सभी दलों से विचार-विमर्श किया जाएगा। वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे महिलाओं को समान अवसर देने वाला “क्रांतिकारी कदम” बताया।
विपक्ष ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे “खतरनाक योजना” बताते हुए कहा कि इससे दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो सकता है। अखिलेश यादव और गौरव गोगोई ने महिला आरक्षण को परिसीमन से अलग लागू करने की मांग की, जबकि असदुद्दीन ओवैसी ने इसे संघवाद के खिलाफ बताया।
संसद के बाहर भी इस मुद्दे पर विरोध देखने को मिला। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने परिसीमन विधेयक का विरोध करते हुए इसे “काला कानून” कहा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अनुसार इन विधेयकों पर 15 से 18 घंटे तक चर्चा होगी और अंतिम मतदान अगले दिन शाम 4 बजे कराया जाएगा। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में देश की राजनीति का केंद्र बना रहेगा।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”








