“UP-NCR में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति पर पहुंच गया है। गाजियाबाद में AQI 578, लखनऊ में 522 और नोएडा में AQI 600 से ऊपर रिकॉर्ड हुआ। मेडिकल विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा मरीजों को अलर्ट किया है। ग्रैप-3 जैसे नियम लागू करने की मांग तेज।”
लखनऊ/गाजियाबाद/नोएडा। उत्तर प्रदेश और NCR के कई जिलों की हवा इन दिनों गंभीर श्रेणी में पहुंच गई है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार खतरनाक स्तर पार कर रहा है, जिसके चलते लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया है।
गाजियाबाद, नोएडा, लखनऊ और वेस्ट यूपी के कई शहरों में स्मॉग की मोटी परत छाई है।
सबसे खराब हवा: गाजियाबाद
गाजियाबाद का AQI 578 दर्ज किया गया, जो पूरे राज्य में सबसे प्रदूषित शहर बन गया है।
यह स्तर WHO की सुरक्षित सीमा से 10 गुना अधिक माना जाता है।
नोएडा का AQI 600 के पार
नोएडा में प्रदूषण ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
AQI 600+ की कैटेगरी “Severe Plus Emergency” में मानी जाती है, जिसमें फेफड़ों को स्थायी नुकसान, आंखों में जलन, सांस फूलना, Asthma ट्रिगर जैसे खतरे अत्यधिक बढ़ जाते हैं।
लखनऊ भी गंभीर स्थिति में
राजधानी लखनऊ का AQI 522 दर्ज किया गया।
यह स्तर आम नागरिकों समेत बच्चों, बुजुर्गों, Heart & Lung Patients के लिए बेहद खतरनाक है।
हेल्थ एक्सपर्ट का अलर्ट
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी की है:
- बच्चे बाहर खेलने से बचें
- बुजुर्ग और दमा/दिल के मरीज घर से कम निकलें
- N-95 मास्क अनिवार्य
- घर के अंदर एयर प्यूरीफायर या वेंटिलेशन बनाए रखें
डॉक्टरों का कहना है कि इस स्तर के AQI में लंबी एक्सपोज़र फेफड़ों की क्षमता 20-30% तक घटा सकता है।
ग्रैप-3 जैसे नियम लागू करने की मांग
दिल्ली की तर्ज पर वेस्ट यूपी में भी GRAP-3 (Graded Response Action Plan) जैसे कदम लागू करने की मांग होने लगी है, जिसमें शामिल हैं—
- Construction रोकना
- ट्रैफिक कंट्रोल
- डीजल जनरेटर पर रोक
- पानी का छिड़काव
- उद्योगों की निगरानी
- स्कूलों में छुट्टी या ऑनलाइन क्लास
स्थानीय प्रशासन इसे लेकर तैयारी कर रहा है।
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