20 करोड़ की संपत्ति कुर्क होने के बाद झांसी कोर्ट में पूर्व सपा विधायक का सरेंडर

झांसी की कोर्ट में पूर्व सपा विधायक ने क्यों किया सरेंडर, इसका पूरा मामला सामने आ गया है। डकैती और रंगदारी केस में 20 करोड़ की संपत्ति कुर्क होने के बाद दीपनारायण सिंह यादव ने आत्मसमर्पण किया।”
हाइलाइट्स :
  • झांसी की कोर्ट में पूर्व सपा विधायक दीपनारायण सिंह यादव का सरेंडर
  • डकैती और रंगदारी के गंभीर आरोप
  • 22 दिन से पुलिस को थी तलाश
  • 20 करोड़ की संपत्ति पहले ही हो चुकी कुर्क
  • एसएसपी ने सरेंडर की पुष्टि की

झांसी की कोर्ट में पूर्व सपा विधायक ने क्यों किया सरेंडर, यह सवाल गुरुवार को पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया। झांसी की गरौठा विधानसभा से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव ने आखिरकार अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस पिछले 22 दिनों से उनकी तलाश कर रही थी।

पूर्व विधायक पर डकैती, रंगदारी और जबरन जमीन लिखवाने जैसे गंभीर आरोप हैं। उनके खिलाफ मोंठ कोतवाली में मामला दर्ज होने के बाद से वे फरार चल रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच दिन पहले उनकी करीब 20 करोड़ रुपये की तीन संपत्तियों को कुर्क कर लिया था।

क्या है पूरा मामला

मोंठ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भुजौंद निवासी प्रेम सिंह पालीवाल ने पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि उन्हें डराकर जमीन लिखवाई गई और रंगदारी व डकैती की घटनाओं को अंजाम दिया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज की।

इस केस में पुलिस पहले ही पूर्व विधायक के मैनेजर और दो अन्य आरोपियों को जेल भेज चुकी है। हालांकि, मंगलवार को मैनेजर को कोर्ट से जमानत मिल गई थी।

16 दिसंबर को होना था सरेंडर

पूर्व विधायक ने न्यायालय में सरेंडर के लिए पहले ही प्रार्थना पत्र दिया था। 16 दिसंबर को उन्हें सरेंडर करना था, लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते वे उस दिन कोर्ट नहीं पहुंच सके। आखिरकार गुरुवार सुबह उन्होंने झांसी की कोर्ट में सरेंडर कर दिया

सरेंडर की सूचना मिलते ही कचहरी परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।

पहले भी जा चुके हैं जेल

यह पहली बार नहीं है जब दीपनारायण सिंह यादव विवादों में घिरे हों। करीब दो साल पहले भी वे जेल जा चुके हैं। उस समय समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव उनसे मिलने झांसी आए थे। मुलाकात के दो दिन बाद प्रशासन ने उनके आवास को कुर्क कर दिया था।

एसएसपी ने क्या कहा

इस मामले में एसएसपी बीबीजीटस मूर्ति ने बताया कि मोंठ थाने में पूर्व विधायक और उनके साथियों के खिलाफ लूट और रंगदारी का मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। गुरुवार को पूर्व विधायक ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।

झांसी की कोर्ट में पूर्व सपा विधायक ने क्यों किया सरेंडर—अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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