“Share Market Crash Today: मंगलवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 350 अंक फिसला। जानिए गिरावट के 5 बड़े कारण।“
हाइलाइट्स :
- सेंसेक्स 1065 अंक गिरकर 82,180 पर बंद
- निफ्टी 50 में 353 अंकों की बड़ी गिरावट
- निवेशकों के एक दिन में ₹9 लाख करोड़ डूबे
- IT शेयर सबसे ज्यादा टूटे
- विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
नई दिल्ली। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। Share Market Crash Today ने निवेशकों को गहरे झटके में डाल दिया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1065.71 अंक गिरकर 82,180.47 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 353 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 25,232.50 के स्तर पर आ गया।
इस भारी गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में करीब ₹9 लाख करोड़ की कमी आ गई। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग ₹456 लाख करोड़ रह गया।
सुबह से ही दबाव में बाजार
कारोबार की शुरुआत से ही बाजार पर बिकवाली का दबाव बना रहा। प्रमुख सूचकांक दो महीने के निचले स्तर तक फिसल गए। आईटी कंपनियों के कमजोर नतीजे, वैश्विक व्यापार को लेकर अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार की धारणा को कमजोर किया।
शेयर बाजार गिरने के 5 बड़े कारण
1- IT शेयरों में भारी बिकवाली
आईटी सेक्टर बाजार की गिरावट का सबसे बड़ा कारण रहा।
- निफ्टी IT इंडेक्स करीब 2% टूटा
- विप्रो के शेयर ~3% गिरे
- LTIMindtree के शेयर ~6% लुढ़के
कमजोर तिमाही नतीजों और बढ़ती लागत ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
2- वैश्विक अनिश्चितता और टैरिफ डर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी से वैश्विक बाजारों में डर का माहौल बन गया।
- एशिया-प्रशांत बाजार कमजोर
- MSCI Asia Index में गिरावट
इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा।
3- विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार 10वें सत्र में बिकवाली की।
- सिर्फ 19 जनवरी को ₹3,263 करोड़ की बिकवाली
- वैश्विक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता से सतर्कता
4- सुरक्षित निवेश की ओर रुख
बाजार में जोखिम बढ़ते ही निवेशक सोना और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर भागे।
- सोना 4,700 डॉलर प्रति औंस के पार
- चांदी रिकॉर्ड स्तर के करीब
यह संकेत देता है कि निवेशक इक्विटी से दूरी बना रहे हैं।
5- कमजोर तकनीकी संकेत
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार बाजार की संरचना फिलहाल कमजोर बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रमुख सपोर्ट लेवल टूटे, तो गिरावट और गहरी हो सकती है।
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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल









