नोएडा इंजीनियर मौत केस: बेसमेंट पानी में डूबने से मौत, बिल्डर गिरफ्तार, CEO सस्पेंड

“Noida Engineer Death Case: नोएडा सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज की बेसमेंट पानी में डूबने से मौत। बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार, CM योगी ने NOIDA CEO को हटाया। SIT जांच 5 दिन में रिपोर्ट देगी।”

नोएडा (गौतमबुद्ध नगर)। Noida Engineer Death Case में बड़ी कार्रवाई हुई है। सेक्टर-150 में एक मॉल के बेसमेंट के पानी में डूबकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में पुलिस ने बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
इससे पहले नोएडा पुलिस ने दो बिल्डर कंपनियों एमजे विशटाउन और लोटस ग्रीन के खिलाफ केस दर्ज किया था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए नोएडा प्राधिकरण के CEO डॉ. लोकेश एम को पद से हटा कर प्रतीक्षारत कर दिया है। हालांकि, अभी भी यह सवाल बना हुआ है कि अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कब कार्रवाई होगी

क्या हुआ था घटना में?

सेक्टर-150 में एक मॉल के बेसमेंट की खुदाई में भरे पानी में इंजीनियर युवराज मेहता डूब गए थे।
इस घटना के बाद प्राधिकरण, दमकल, पुलिस और SDRF की लापरवाही सामने आई, जिससे प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया।

मुख्यमंत्री ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के लिए मेरठ जोन के ADG भानू भास्कर के नेतृत्व में 3 सदस्यीय SIT गठित कर दी है। SIT में मेरठ मंडलायुक्त भानू चंद्र गोस्वामी और PWD के चीफ इंजीनियर अजय वर्मा भी शामिल हैं। इस टीम को 5 दिनों में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

 CM योगी का निर्देश और जांच का दायरा

मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिन्हित करने और त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए

 SIT जांच में क्या-क्या होगा?

SIT जांच करेगी:

  • किन स्तरों पर लापरवाही हुई
  • बचाव दल क्यों नहीं पहुंचा
  • प्राधिकरण ने बिल्डर पर कार्रवाई क्यों नहीं की
  • कौन-कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं

 प्राधिकरण की आंतरिक जांच

नोएडा प्राधिकरण ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है।
एसीईओ सतीश पाल ने महाप्रबंधक (सिविल) AK अरोड़ा को तत्काल रिपोर्ट देने को कहा है।
जांच में सिविल, NTC, नियोजन विभाग समेत सभी बिंदुओं की समीक्षा होगी।

 सवाल अभी भी बाकी

इस मामले में अभी भी बड़ा सवाल यह है कि:
अन्य जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी?
क्योंकि घटना में केवल बिल्डर ही नहीं, बल्कि कई स्तरों की लापरवाही भी सामने आई है।

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