“भारत-EU FTA पर हस्ताक्षर के बाद भारत में मर्सिडीज, BMW, विमान, इलेक्ट्रॉनिक्स और यूरोपीय शराब सस्ती होंगी। 2031 तक भारत-EU ट्रेड 51 अरब डॉलर पहुंचने की उम्मीद।“
हाइलाइट्स :
- भारत-यूरोपीय यूनियन के बीच FTA पर हस्ताक्षर
- पीएम मोदी ने समझौते को बताया ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’
- लग्जरी कारें, विमान और इलेक्ट्रॉनिक्स होंगे सस्ते
- यूरोपीय शराब की कीमतों में आ सकती है कमी
- 2031 तक व्यापार 51 अरब डॉलर पहुंचने का अनुमान
नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच आखिरकार मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर हो गए हैं। करीब 18 साल तक चली बातचीत के बाद हुए इस ऐतिहासिक समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार दिया है। इस डील के लागू होने से भारतीय बाजार में कई यूरोपीय उत्पाद सस्ते हो जाएंगे और सेवा क्षेत्र में भारतीयों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग का बेहतरीन उदाहरण है। भारत-EU FTA वैश्विक GDP के लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के करीब एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।
भारत में क्या-क्या होगा सस्ता?
भारत-EU FTA के तहत टैरिफ में कटौती होने से कई वस्तुओं की कीमत घटने की उम्मीद है—
- मर्सिडीज, BMW और पोर्श जैसी लग्जरी कारें
- 15,000 यूरो (करीब 16.3 लाख रुपये) से अधिक कीमत वाली कारों पर अब सिर्फ 40% टैरिफ
- विमान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, केमिकल्स
- आधुनिक मेडिकल उपकरण और मेटल स्क्रैप
- भारतीय बाजार में यूरोप से आने वाली शराब की कीमतों में गिरावट
सर्विस सेक्टर को मिलेगा बड़ा फायदा
इस समझौते से आईटी, इंजीनियरिंग, टेलीकॉम और बिजनेस सर्विस जैसे क्षेत्रों में भारतीय पेशेवरों को यूरोप में काम करने के नए अवसर मिलेंगे। इससे भारत की सर्विस एक्सपोर्ट क्षमता को मजबूती मिलेगी।
2031 तक 51 अरब डॉलर का ट्रेड
एमके ग्लोबल की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, भारत-EU FTA के लागू होने के बाद 2031 तक दोनों के बीच व्यापार 51 अरब डॉलर (करीब 4.68 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है। इससे भारत के निर्यात में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की संभावना है।
यूरोपीय यूनियन बनाम भारत (आर्थिक तुलना)
| पैरामीटर | यूरोपीय यूनियन | भारत |
|---|---|---|
| GDP | 20 ट्रिलियन डॉलर | 4.18 ट्रिलियन डॉलर |
| आबादी | 45 करोड़ | 140 करोड़ |
| निर्यात | 2.9 ट्रिलियन डॉलर | 824.5 अरब डॉलर |
| आयात | 2.6 ट्रिलियन डॉलर | 915 अरब डॉलर |
कुल मिलाकर, भारत-EU FTA न केवल उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार में भारत की भूमिका को भी मजबूत करेगा।









