अखिलेश यादव ने ट्रेड डील पर सवाल उठाए और इसे देश की 70% आबादी के साथ धोखा बताया। सरकार से पूछा—यह समझौता किस दबाव में किया गया?
हाइलाइट्स :
- अखिलेश यादव ने ट्रेड डील पर गंभीर सवाल खड़े किए
- डील को देश की 70% आबादी के साथ धोखा बताया
- सोशल मीडिया के जरिए सरकार से जवाब मांगा
- समझौते की पारदर्शिता पर चिंता जाहिर की
- US-India ट्रेड डील को लेकर राजनीतिक बहस तेज
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस समझौते को देश की 70 प्रतिशत आबादी के साथ धोखा करार देते हुए इसकी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर सरकार से पूछा कि यह ट्रेड डील किस दबाव में की गई। उन्होंने लिखा कि सरकार को देश को यह बताना चाहिए कि इस समझौते से किसे फायदा होगा और किसे नुकसान।
सपा प्रमुख ने कहा कि इतने बड़े आर्थिक समझौते में आम जनता, किसान, मजदूर और छोटे व्यापारियों के हितों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि डील वास्तव में देशहित में है, तो सरकार को इसके सभी पहलुओं को सार्वजनिक करना चाहिए।
गौरतलब है कि एक दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक्स पर पोस्ट कर भारत-अमेरिका ट्रेड डील की जानकारी दी थी। ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना “सबसे अच्छा दोस्त” बताते हुए कहा था कि यह समझौता आपसी सम्मान और दोस्ती के आधार पर हुआ है।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि पीएम मोदी के अनुरोध पर भारत पर लगाए गए पारस्परिक शुल्क (Reciprocal Tariff) को कम करने पर सहमति बनी है। हालांकि, इस पोस्ट के बाद देर रात तक भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी। बाद में प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर बातचीत की पुष्टि की।
अखिलेश यादव के बयान के बाद ट्रेड डील को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। विपक्ष सरकार से इस समझौते की शर्तें सार्वजनिक करने और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर स्पष्ट जवाब की मांग कर रहा है।









