बजट सत्र 2026: जेपी नड्डा ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध पर विपक्ष को घेरा

बजट सत्र 2026 के दौरान जेपी नड्डा ने संसद में भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करने पर विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह समझौता कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भारत के हितों की रक्षा करता है।

हाइलाइट्स :

  • बजट सत्र 2026 के दौरान संसद में जारी है राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा
  • जेपी नड्डा ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करने पर विपक्ष को घेरा
  • कहा- समझौता कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों की करता है रक्षा
  • विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित
  • लोकसभा की कार्यवाही शाम पांच बजे तक के लिए स्थगित

नई दिल्ली। बजट सत्र 2026 भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है। राज्यसभा में नेता सदन और भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध करने पर विपक्ष की कड़ी आलोचना की।

संसद के बजट सत्र के पांचवें दिन बुधवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी रही। इस दौरान विपक्षी दलों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।

“ट्रेड डील भारत के हितों की रक्षा करती है”

राज्यसभा में बोलते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील का उद्देश्य देश के प्रमुख हितों की रक्षा करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भारत ने किसी भी तरह का समझौता नहीं किया है।

जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष बिना तथ्यों को समझे इस समझौते का विरोध कर रहा है, जबकि यह डील भारतीय किसानों, दुग्ध उत्पादकों और निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा करेगी।

विपक्ष के हंगामे से लोकसभा ठप

धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों के शोर-शराबे और नारेबाजी के चलते लोकसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। हालात को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

65 दिनों तक चलेगा बजट सत्र

गौरतलब है कि बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ हुई थी। यह सत्र कुल 65 दिनों तक चलेगा, जिसमें 30 बैठकें प्रस्तावित हैं।
संसद की कार्यवाही 13 फरवरी को अवकाश के लिए स्थगित होगी और 9 मार्च से दोबारा शुरू होगी। इस दौरान संसदीय स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की समीक्षा करेंगी। बजट सत्र का समापन 2 अप्रैल को होगा।

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