“संसद बजट सत्र 2026 के दौरान लोकसभा में राहुल गांधी के बोलने को लेकर हंगामा हुआ। विपक्ष के शोर-शराबे के चलते बजट पर चर्चा नहीं हो सकी और लोकसभा की कार्यवाही 10 फरवरी सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।”
दिल्ली। संसद के बजट सत्र 2026 के दौरान सोमवार को लोकसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। केंद्रीय बजट 2026–27 पर चर्चा होनी थी, लेकिन विपक्षी सांसदों के शोर-शराबे के कारण चर्चा नहीं हो सकी। बार-बार बाधा के चलते लोकसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई, जबकि राज्यसभा में बजट पर चर्चा जारी रही।
सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के चलते कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी और अंततः स्पीकर ने सदन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
राहुल गांधी के बोलने को लेकर बढ़ा विवाद
हंगामे की मुख्य वजह विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने का अवसर न मिलना बताया जा रहा है। सदन में पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर को बोलने का मौका दिया गया। इसके बाद स्पीकर ने राहुल गांधी को बजट पर बोलने की अनुमति दी, लेकिन प्रक्रिया को लेकर असहमति के चलते हंगामा और तेज हो गया।
प्रियंका गांधी का सरकार पर हमला
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि विपक्ष के नेता को एक मिनट भी बोलने नहीं दिया जाता, जो बेहद दुखद और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दबाव में स्पीकर को बयान देना पड़ा और यह पूरी स्थिति लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी
इस बीच विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के संकेत दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि सदन में सत्ता पक्ष को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि विपक्ष की आवाज़ दबाई जा रही है।
केंद्रीय बजट 2026–27 की प्रमुख बातें
गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को लगातार नौवीं बार लोकसभा में बजट पेश किया था। उन्होंने बजट को “युवाशक्ति से प्रेरित” बताते हुए अगले पांच वर्षों में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर,नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, 20 राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू करने का प्रस्ताव रखा है।
लोकसभा की कार्यवाही अब 10 फरवरी को सुबह 11 बजे फिर से शुरू होगी। बजट पर चर्चा होगी या फिर हंगामे का सिलसिला जारी रहेगा—इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।









