AI Impact Summit में यूथ कांग्रेस के अर्द्धनग्न प्रदर्शन पर बसपा प्रमुख मायावती ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुए अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान हुए हंगामे को देश की गरिमा के खिलाफ बताया। जानें पूरा मामला, गिरफ्तारी और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं।
हाइलाइट्स:
- AI Impact Summit में यूथ कांग्रेस का अर्द्धनग्न प्रदर्शन
- बसपा सुप्रीमो Mayawati ने जताई नाराज़गी
- भारत मंडपम, नई दिल्ली में हुआ अंतरराष्ट्रीय आयोजन
- चार कार्यकर्ता गिरफ्तार, तिलक मार्ग थाने में केस दर्ज
- पीएम Narendra Modi के खिलाफ लगाए गए नारे
लखनऊ। नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए अर्द्धनग्न प्रदर्शन को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री Mayawati ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को देश की गरिमा और अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए नुकसानदायक बताते हुए इसकी निंदा की है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर विरोध को बताया अनुचित
बसपा सुप्रीमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि नई दिल्ली में आयोजित यह समिट अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन था, जिसमें देश-विदेश के अनेक प्रमुख प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल हुए थे। ऐसे मंच पर अर्द्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन करना अत्यंत अशोभनीय और निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि यदि यह कोई सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम होता तो बात अलग थी, लेकिन वैश्विक स्तर के आयोजन में इस प्रकार का व्यवहार देश की छवि को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे विरोध दर्ज कराने के लिए लोकतांत्रिक और गरिमामय तरीके अपनाएं।
Indian Youth Congress के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
गौरतलब है कि नई दिल्ली स्थित Bharat Mandapam में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने अचानक अर्द्धनग्न होकर नारेबाजी की। बताया गया कि लगभग 15 कार्यकर्ता ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर समिट में पहुंचे थे।
कार्यकर्ता जैकेट पहनकर हाल नंबर पांच में दाखिल हुए और बाद में जैकेट उतारकर प्रधानमंत्री के खिलाफ स्लोगन लिखी टी-शर्ट दिखाते हुए नारेबाजी करने लगे। उस समय वहां विदेशी प्रतिनिधि भी मौजूद थे, जिससे कार्यक्रम में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
चार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस से हाथापाई का आरोप
दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रदर्शन में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों से हाथापाई भी की। सभी आरोपियों के खिलाफ तिलक मार्ग थाने में मामला दर्ज किया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को कुछ ही मिनटों में कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया गया था, ताकि समिट की कार्यवाही प्रभावित न हो।
व्यापार समझौते को लेकर जताया जा रहा विरोध
जानकारी के मुताबिक, यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर विरोध जता रहे थे और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारे लगा रहे थे। हालांकि, बसपा प्रमुख ने स्पष्ट कहा कि किसी भी मुद्दे पर असहमति जताने का अधिकार लोकतंत्र में सभी को है, लेकिन उसका तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे देश की प्रतिष्ठा को आंच न पहुंचे।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। जहां एक ओर कांग्रेस समर्थक इसे लोकतांत्रिक विरोध बता रहे हैं, वहीं अन्य दलों ने इसे गैर-जिम्मेदाराना आचरण करार दिया है।
बसपा प्रमुख का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में अंतरराष्ट्रीय निवेश और तकनीकी सहयोग को लेकर कई बड़े आयोजन हो रहे हैं। ऐसे में इस प्रकार की घटनाओं को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
