यूपी PWD की नई रणनीति: विधायकों के छूटे काम होंगे पूरे, सड़कों-पुलों के लिए 36 हजार करोड़

यूपी PWD की नई रणनीति के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में 36 हजार करोड़ रुपये का बजट सड़कों, पुलों और छह नए हाईवे पर खर्च होगा। विधायकों के अधूरे प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जाएगी। “

हाइलाइट्स:

  • यूपी PWD की नई रणनीति, 36 हजार करोड़ का बजट
  • विधायकों द्वारा प्रस्तावित अधूरे कार्यों को प्राथमिकता
  • छह नए हाईवे और रोड नेटवर्क पर विशेष जोर
  • अप्रैल में प्रस्ताव, मई से स्वीकृतियां
  • चालू वर्ष में बजट खर्च कम रहने के बाद नई कार्ययोजना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 36 हजार करोड़ रुपये के बजट के साथ नई कार्ययोजना तैयार की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस बार बजट का समयबद्ध और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में बजट खर्च की रफ्तार अपेक्षा से धीमी रहने के बाद विभाग ने रणनीति में बदलाव किया है। अब एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए वित्तीय वर्ष में विधायकों द्वारा प्रस्तावित अधूरे और लंबित कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाएगी।

विधायकों के प्रस्तावित कार्यों को प्राथमिकता

सूत्रों के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष में विधायकों ने लगभग 1.5 करोड़ रुपये प्रति कार्य की लागत से सड़क, पुल और पुलियों के निर्माण के प्रस्ताव दिए थे। विभाग ने इन प्रस्तावों के लिए करीब 28 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए, लेकिन कई कार्य बजट या स्वीकृति के अभाव में शुरू नहीं हो सके।

अब 2026-27 में सबसे पहले उन्हीं लंबित कार्यों को पूरा कराया जाएगा। इसके साथ ही अप्रैल माह में जिलाधिकारियों के माध्यम से नए प्रस्ताव भी आमंत्रित किए जाएंगे।

छह नए हाईवे परियोजनाओं पर जोर

प्रदेश में उत्तर से दक्षिण तक बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने के लिए प्रस्तावित छह नए हाईवे परियोजनाओं पर भी तेजी लाई जाएगी। जिन कार्यों का निष्पादन सीधे PWD को करना है, उन्हें प्राथमिकता से शुरू कराया जाएगा।

बजट उपयोग पर सख्त निगरानी

विभागाध्यक्ष एके द्विवेदी ने बताया कि बजट का पूरा उपयोग सुनिश्चित करने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। अप्रैल में ही सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण, नवीनीकरण, सुदृढ़ीकरण व मरम्मत से संबंधित प्रस्ताव लिए जाएंगे।

मई से निर्माण कार्यों के लिए बजट स्वीकृतियां जारी करने की योजना है। नए प्रस्तावों को भी वार्षिक कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों में देरी न हो।

पिछले वर्ष का लेखा-जोखा

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने 2026-27 के बजट में PWD को 36 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में विभाग को 32 हजार करोड़ रुपये मिले थे। इनमें से अब तक लगभग 17 हजार करोड़ रुपये ही खर्च हो पाए हैं। अधिकारियों का दावा है कि 31 मार्च तक करीब 28 हजार करोड़ रुपये का व्यय कर लिया जाएगा, जबकि लगभग चार हजार करोड़ रुपये सरेंडर होने की स्थिति बन सकती है।

PWD की इस नई रणनीति से उम्मीद है कि प्रदेश में सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में तेजी आएगी और जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित विकास कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे।

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