Iran War Market Crash: “ईरान में युद्ध जैसे हालात और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबरों के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट। BSE Sensex 2,700 अंक टूटा, निवेशकों के ₹8 लाख करोड़ स्वाहा। ” क्रूड ऑयल उछाल और वैश्विक असर का फुल एनालिसिस…
हाइलाइट्स:
- सेंसेक्स 2,743 अंक तक टूटा, निफ्टी 25,000 के नीचे
- निवेशकों के करीब ₹7.8–8 लाख करोड़ डूबे
- ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर के पार, 7% से ज्यादा उछाल
- होर्मुज जलडमरूमध्य पर सप्लाई बाधा की आशंका
- सोना-चांदी में तेज उछाल, इक्विटी में भारी बिकवाली
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध जैसे हालात और ईरान से जुड़ी बड़ी घटनाओं के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत होते ही BSE Sensex 2,743 अंक टूटकर 78,543 पर खुला, जबकि Nifty 50 519 अंक गिरकर 24,659 पर आ गया। निफ्टी 25,000 के अहम स्तर के नीचे फिसल गया।

बाजार खुलते ही बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैप में करीब ₹7.8 से ₹8 लाख करोड़ की गिरावट दर्ज की गई।
युद्ध से बढ़ी अनिश्चितता
पश्चिम एशिया में Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों में घबराहट पैदा कर दी है। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के चलते वैश्विक बाजारों में भी दबाव देखा गया, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक संकट के समय निवेशक जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाते हैं, जिससे इक्विटी बाजारों में तेज गिरावट आती है।

कच्चे तेल में उछाल बड़ी चिंता
बाजार गिरावट की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल भी रही।
Brent Crude 82 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि West Texas Intermediate में भी करीब 7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
विश्लेषकों के मुताबिक, फारस की खाड़ी में आपूर्ति बाधित होने की आशंका से तेल बाजार में घबराहट है। Strait of Hormuz से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल आपूर्ति होता है। यदि यहां स्थिति बिगड़ती है तो कीमतें और बढ़ सकती हैं।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने से महंगाई और चालू खाता घाटा बढ़ने की आशंका रहती है।
किन शेयरों में ज्यादा गिरावट
सेंसेक्स में इंडिगो, लार्सन एंड टुब्रो, अदानी पोर्ट्स और एशियन पेंट्स जैसे शेयरों में 2 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। सेक्टोरल मोर्चे पर रियल्टी, ऑटो, आईटी और पीएसयू बैंक शेयरों में ज्यादा दबाव रहा।
हालांकि रक्षा क्षेत्र के शेयरों में हल्की मजबूती देखी गई। Bharat Electronics Limited के शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे।
वैश्विक बाजारों पर भी असर
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का रुख रहा। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक पश्चिम एशिया में स्थिति स्पष्ट नहीं होती, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने के बजाय संयम बरतने की सलाह दी जा रही है।
फिलहाल बाजार की दिशा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी।
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