“खामनेई की मौत पर कश्मीर में सख्ती बढ़ी। श्रीनगर के लाल चौक में बैरिकेडिंग, मोबाइल इंटरनेट की रफ्तार धीमी, स्कूल बंद। “जानें जिला श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर की ताजा राजनीतिक खबर…
हाइलाइट्स:
- ईरान के सर्वोच्च नेता सैयद अयातुल्ला अली खामनेई की मौत के बाद घाटी में प्रदर्शन
- लाल चौक और घंटाघर इलाके में बैरिकेडिंग
- श्रीनगर सहित कई जिलों में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड कम
- दो दिन के लिए स्कूल और शिक्षण संस्थान बंद
- नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने दी प्रतिक्रिया
श्रीनगर। ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबर सामने आते ही कश्मीर घाटी में शोक और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कई इलाकों में सख्त पाबंदियां लागू कर दीं। मोबाइल इंटरनेट की रफ्तार कम कर दी गई है, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षाबलों की भारी तैनाती की गई है।

लाल चौक और घंटाघर इलाका सील
श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक और घंटाघर क्षेत्र के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं। प्रमुख चौराहों पर कंटीले तार लगाए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
शिया बहुल इलाकों में प्रदर्शन
घाटी के सईदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा समेत कई शिया बहुल क्षेत्रों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी की और शोक व्यक्त किया।
अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट सेवा को अस्थायी रूप से धीमा किया गया है।

स्कूल दो दिन बंद
प्रशासन ने एहतियातन सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों को दो दिनों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) के अध्यक्ष मीरवाइज ने एक दिन के बंद का आह्वान किया है। वहीं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती समेत कई दलों ने इसका समर्थन किया।
Aga Syed Ruhullah Mehdi ने मुख्यमंत्री Omar Abdullah की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने घटना की खुलकर निंदा नहीं की। दूसरी ओर, नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष Farooq Abdullah ने बयान जारी कर हमले की निंदा की और इसे क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बताया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई है।
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