चीन का रिकॉर्ड टूटा, काशी में एक घंटे में लगाए गए 2.51 लाख पौधे

काशी में 2.51 लाख पौधे एक घंटे में लगाकर वाराणसी ने चीन का विश्व रिकॉर्ड तोड़ा। डोमरी और सूजाबाद गांव में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की निगरानी में पौधारोपण।” वाराणसी, उत्तर प्रदेश पर्यावरण खबर…

हाइलाइट्स:

  • काशी में एक घंटे में 2,51,446 पौधे लगाए गए
  • चीन का 2018 का रिकॉर्ड टूटा
  • डोमरी और सूजाबाद गांव में 350 एकड़ में पौधारोपण
  • Guinness World Records की मौजूदगी में गणना
  • 15,000 से अधिक लोगों की भागीदारी

वाराणसी। वाराणसी ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नया विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi के सांसद आदर्श गांव गंगा पार डोमरी और सूजाबाद में आयोजित वृहद पौधारोपण अभियान के तहत एक घंटे में 2,51,446 पौधे रोपे गए। इसके साथ ही चीन का पिछला रिकॉर्ड टूट गया।

350 एकड़ क्षेत्र में आयोजित इस अभियान के दौरान ड्रोन कैमरों, डिजिटल एप और Guinness World Records की टीम की निगरानी में पौधों की गणना की गई। गिनीज के जज ऋषि नाथ ने महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को विश्व रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र सौंपा।

चीन का पिछला रिकॉर्ड टूटा

इससे पहले एक घंटे में सर्वाधिक पौधे लगाने का रिकॉर्ड चीन की Henan Provincial Committee और Henan Shifange Greening Engineering Company के नाम था। 10 मार्च 2018 को उन्होंने 1,53,981 पौधे लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था।

60 सेक्टरों में चला अभियान

सुबह 9:11 बजे पौधारोपण की औपचारिक शुरुआत हुई। 60 सेक्टरों में विभाजित क्षेत्र में पहले से तैयार गड्ढों में मियावाकी पद्धति से छायादार, फलदार और औषधीय पौधे लगाए गए।

इस अभियान में नगर निगम के लगभग 5000 कर्मचारियों के अलावा एनडीआरएफ, पुलिस, पीएसी, सेना, स्कूली बच्चे, एनसीसी कैडेट, स्काउट-गाइड, सामाजिक और धार्मिक संगठनों सहित 15,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया।

बनेगा ‘ऑक्सीजन बैंक’

तीन वर्षों तक पौधों की देखरेख मध्य प्रदेश की राज नर्सरी करेगी। विकसित होने वाला यह ‘शहरी वन’ काशी के लिए ऑक्सीजन बैंक का कार्य करेगा। नगर निगम को इससे प्रतिवर्ष एक करोड़ रुपये से अधिक आय होने का अनुमान है।

कार्यक्रम में Banaras Hindu University के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी, एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा और धर्मेंद्र राय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button