पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी की चेतावनी—“जंग लंबी चली तो दुष्परिणाम तय” सरकार ने बुलाई ऑल पार्टी मीटिंग

राज्यसभा में Narendra Modi ने पश्चिम एशिया संकट पर कहा कि जंग लंबी चली तो गंभीर दुष्परिणाम होंगे। सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई।

नई दिल्ली। संसद की कार्यवाही के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लेकर गंभीर चिंता जताई। राज्यसभा में दिए अपने बयान में उन्होंने साफ कहा कि यदि यह संघर्ष लंबे समय तक जारी रहा तो इसके दुष्परिणाम तय हैं और इसका असर वैश्विक स्तर के साथ भारत पर भी पड़ेगा।

ऊर्जा संकट और व्यापार पर असर

प्रधानमंत्री ने बताया कि इस युद्ध के चलते:

  • वैश्विक ऊर्जा संकट गहराया है
  • पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित हुई है
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग बाधित हुए हैं

उन्होंने कहा कि भारत के लिए यह स्थिति चिंताजनक है और सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

भारतीयों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता

पीएम मोदी ने कहा कि खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा और आजीविका सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि:

  • लाखों भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है
  • कई भारतीय अभी भी प्रभावित क्षेत्रों में हैं

होर्मुज मार्ग पर चिंता

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग का बाधित होना अस्वीकार्य है। इस मार्ग पर कई जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल मौजूद हैं।

कूटनीति से समाधान की कोशिश

पीएम मोदी ने बताया कि भारत:

  • Iran
  • Israel
  • United States

सहित सभी प्रमुख देशों के संपर्क में है। भारत का लक्ष्य संवाद और कूटनीति के जरिए क्षेत्र में शांति बहाल करना है।

सर्वदलीय बैठक का ऐलान

पश्चिम एशिया संकट पर राजनीतिक सहमति बनाने के लिए सरकार ने बुधवार शाम 5 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। इसमें सभी दलों के साथ स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।

आत्मनिर्भरता पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत के पास आत्मनिर्भर बनने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। सरकार ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण और रणनीतिक भंडारण पर लगातार काम कर रही है।

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