राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क कौशाम्बी : जनपद के शैक्षिक इतिहास में बुधवार को एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। कलेक्ट्रेट स्थित सम्राट उदयन सभागार में ‘निपुण विद्यालय सम्मान समारोह 2026’ का भव्य आयोजन हुआ। निपुण भारत मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले 467 शिक्षकों को ‘निपुण सारथी’ सम्मान से नवाजा गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि निवर्तमान विधायक चायल संजय गुप्ता, निवर्तमान विधायक मंझनपुर लाल बहादुर, राज्य महिला आयोग सदस्य प्रतिभा कुशवाहा, मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। समारोह में जनपद के 467 शिक्षकों को शाल ओढ़ाकर एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अपने विद्यालयों को ‘निपुण’ बनाने में शिक्षकों के प्रयासों की मंच से भूरि-भूरि प्रशंसा की गई। सम्मान प्राप्त करते समय सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा को भी उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और प्रबंधन के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि उनके निर्देशन में कौशाम्बी ने बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित किए हैं। निवर्तमान विधायक संजय गुप्ता ने कहा कि शिक्षक समाज की आत्मा और राष्ट्र के निर्माता होते हैं। वहीं लाल बहादुर ने कहा कि शिक्षा की रोशनी से अज्ञानता का अंधकार स्वतः समाप्त हो जाता है और कौशाम्बी का प्रदर्शन प्रदेश में मिसाल बन रहा है। राज्य महिला आयोग सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने कहा कि शिक्षित समाज ही नारी सशक्तिकरण की आधारशिला है। मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी ने शिक्षकों की प्रतिबद्धता को सराहते हुए कहा कि प्रशासनिक लक्ष्यों को हासिल करने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने कहा कि बेसिक शिक्षा की मजबूत नींव ही उच्च शिक्षा की आधारशिला बनती है। कार्यक्रम का संचालन एसआरजी डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने किया, जिन्होंने अपनी ओजस्वी शैली से समारोह में ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में डीसी धर्मनाथ का विशेष योगदान रहा, जबकि सह-उद्घोषक सुनिष्ठा ने अपनी प्रभावी प्रस्तुति से सभी का ध्यान आकर्षित किया। अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह आयोजन न केवल एक सम्मान समारोह रहा, बल्कि जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में हुए गुणात्मक सुधार का जीवंत उदाहरण भी बना।
