“होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच ईरान ने भारत को राहत देते हुए भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। तेल और एलपीजी आपूर्ति जारी रहने की बात कही गई है।“
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Iran ने भारत को बड़ी राहत दी है। ईरान ने साफ कहा है कि India के जहाजों और नाविकों को Strait of Hormuz से गुजरने में कोई बाधा नहीं होगी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
ईरान ने भारत को “मित्र देश” बताते हुए आश्वस्त किया कि मौजूदा हालात के बावजूद भारतीय जहाज सुरक्षित हैं और उन्हें रोका नहीं जाएगा। इस ऐलान से भारत के लिए तेल और एलपीजी जैसी जरूरी ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी चिंता काफी हद तक कम हुई है।
ऊर्जा सप्लाई पर राहत
ईरान के इस बयान का सबसे बड़ा असर ऊर्जा क्षेत्र पर पड़ता दिख रहा है। Strait of Hormuz से दुनिया की करीब 20% ऊर्जा आपूर्ति गुजरती है, ऐसे में यहां किसी भी तरह का अवरोध वैश्विक बाजार को प्रभावित करता है।
ईरान ने कहा है कि वह भारत समेत अपने मित्र देशों—चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान—के जहाजों को प्राथमिकता के आधार पर मार्ग दे रहा है, जिससे जरूरी आपूर्ति बाधित न हो।
भारतीय जहाजों की स्थिति
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक कम से कम आठ भारतीय जहाज इस मार्ग से सुरक्षित निकल चुके हैं। इनमें एलपीजी से भरे बड़े टैंकर भी शामिल हैं।
हालांकि, अभी भी करीब 19 जहाज—जिनमें एलपीजी, कच्चा तेल और एलएनजी लदा है—होर्मुज क्षेत्र में मौजूद हैं। इनमें भारतीय और विदेशी झंडे वाले जहाज दोनों शामिल हैं, जो भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति लेकर आ रहे हैं।
तनाव की वजह
दरअसल, 28 फरवरी को Israel और United States के हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था, जिसके चलते इस अहम समुद्री मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई।
ईरान का संदेश
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर कहा, “हमारे भारतीय मित्र सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई बात नहीं।”
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह बयान न सिर्फ कूटनीतिक संदेश है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश भी है।
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