दुनिया संकटों के दौर से गुजर रही, हालात नहीं बदले तो बढ़ेगी गरीबी: मोदी

नीदरलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए बोले प्रधानमंत्री, कोरोना से लेकर युद्ध और ऊर्जा संकट तक गिनाईं वैश्विक चुनौतियां; भारत की डिजिटल और स्टार्टअप ताकत का भी किया जिक्र

PM Narendra Modi Netherlands Visit 2026: द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना, युद्ध और ऊर्जा संकट को दुनिया के लिए बड़ा खतरा बताया। पीएम मोदी ने भारत की UPI, Startup, AI और Semiconductor सेक्टर की उपलब्धियां गिनाईं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

द हेग। Narendra Modi ने नीदरलैंड के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए दुनिया के मौजूदा हालात पर गहरी चिंता जताई। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरी मानवता कई बड़े संकटों से जूझ रही है। पहले कोरोना महामारी, फिर युद्ध और अब ऊर्जा संकट ने दुनिया को अस्थिर कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह दशक दुनिया के लिए “आपदाओं का दशक” बन गया है।

प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं बदले, तो बीते दशकों में गरीबी उन्मूलन और विकास के लिए किए गए प्रयासों पर पानी फिर सकता है। दुनिया की बड़ी आबादी फिर से गरीबी के दलदल में फंस सकती है।

भारत-नीदरलैंड साझेदारी को बताया मजबूत आधार

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय कारोबार के लिए नीदरलैंड यूरोप में प्रवेश का स्वाभाविक द्वार बन सकता है। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को दोनों देशों के बीच भरोसेमंद पुल बताते हुए कहा कि भारतीय समुदाय ने नीदरलैंड की अर्थव्यवस्था और समाज में अहम योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह नीदरलैंड ट्यूलिप के लिए प्रसिद्ध है, उसी तरह भारत कमल के लिए जाना जाता है। दोनों देशों की साझेदारी भी इन्हीं फूलों की तरह मजबूती और सुंदरता का प्रतीक है।

भारत बना दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से नवाचार और तकनीक की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश में अब दो लाख से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं और भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।

मोदी ने कहा कि 12 साल पहले देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे, जबकि आज यह संख्या लाखों में पहुंच गई है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में अब 125 से अधिक यूनिकॉर्न कंपनियां सक्रिय हैं।

डिजिटल भुगतान और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तेजी

प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में एक साल में 20 बिलियन से अधिक UPI ट्रांजैक्शन हुए हैं। दुनिया में होने वाले कुल डिजिटल भुगतान का बड़ा हिस्सा भारत में हो रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत अब सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी तेजी से काम कर रहा है। देश में 12 सेमीकंडक्टर प्लांट्स पर काम चल रहा है, जिनमें से दो में उत्पादन शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में “डिजाइन इन इंडिया” और “मेड इन इंडिया” चिप्स दुनिया में नई पहचान बनाएंगे।

16 मई 2014 को बताया ऐतिहासिक दिन

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 16 मई 2014 को भी याद किया। उन्होंने कहा कि इसी दिन लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे और दशकों बाद देश में पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार बनी थी।

उन्होंने कहा कि करोड़ों भारतीयों का विश्वास उन्हें लगातार काम करने की प्रेरणा देता है और यही भरोसा भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है।

चोल काल की ऐतिहासिक धरोहर भारत को लौटी

इस दौरान नीदरलैंड ने भारत को 11वीं सदी की ऐतिहासिक ‘अनाइमंगलम कॉपर प्लेट्स’ भी लौटाईं। इन तांबे की पट्टिकाओं का संबंध Chola Empire काल से माना जाता है। इतिहासकारों के अनुसार इनमें दक्षिण भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच समुद्री व्यापार, सांस्कृतिक संबंधों और धार्मिक सहअस्तित्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज हैं।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button