कानपुर किडनी कांड में नया खुलासा: वार्ड बॉय अजय निकला रैकेट का अहम किरदार

दलाल शिवम अग्रवाल का साथी, ट्रांसप्लांट के बाद महिला की मौत; राजदार परवेज सैफी का आपराधिक कनेक्शन उजागर

Kanpur Kidney Racket News: कानपुर किडनी कांड में नया खुलासा, एलएलआर अस्पताल का वार्ड ब्वाय अजय दलाल शिवम अग्रवाल का साथी निकला। अवैध ट्रांसप्लांट के बाद महिला की मौत, मेरठ का परवेज सैफी भी जांच के घेरे में।

कानपुर। कानपुर में सामने आए चर्चित किडनी ट्रांसप्लांट कांड में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब इस मामले में एलएलआर अस्पताल का वार्ड बॉय अजय एक अहम किरदार के रूप में सामने आया है, जो कथित तौर पर दलाल शिवम अग्रवाल का करीबी सहयोगी है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि अजय ने ही एक महिला को मेडीलाइफ अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए भर्ती कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उसने अपने फोन से अस्पताल संचालकों से संपर्क कराया और खुद को कभी गार्ड तो कभी डॉक्टर बताकर पूरे सौदे को अंजाम तक पहुंचाने में मदद की।

ट्रांसप्लांट के बाद बिगड़ी हालत, दिल्ली में हुई मौत

जांच के अनुसार, अवैध तरीके से किए गए किडनी ट्रांसप्लांट के बाद महिला की हालत गंभीर हो गई थी। उसे इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे रैकेट का पर्दाफाश शुरू हुआ।

राजदार का आपराधिक इतिहास भी आया सामने

इस मामले में मेरठ निवासी कार चालक परवेज सैफी, जिसे रैकेट का बड़ा राजदार माना जा रहा है, का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, वह पहले डकैती के आरोप में करीब ढाई साल तक जेल में रह चुका है।

पूछताछ में सैफी ने खुलासा किया कि ऑपरेशन थिएटर का मैनेजर अली नशे का आदी है और ड्रग्स के इंजेक्शन लेता है, जिससे पूरे नेटवर्क की गंभीरता और भी बढ़ जाती है।

सील अस्पताल में हुआ था ट्रांसप्लांट

बताया जा रहा है कि यह अवैध किडनी ट्रांसप्लांट केशवपुरम स्थित मेडीलाइफ अस्पताल में दिसंबर 2025 में किया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि यह अस्पताल आठ महीने पहले ही सीएमओ द्वारा सील किया जा चुका था, इसके बावजूद यहां अवैध गतिविधियां जारी रहीं।

अस्पताल संचालकों नरेंद्र और रोहन ने पुलिस को बताया कि घाटे के कारण अस्पताल बंद कर दिया गया था, लेकिन जांच में कई विरोधाभास सामने आ रहे हैं।

फर्जी पहचान और अवैध अस्पताल संचालन

जांच में यह भी सामने आया कि अजय खुद को डॉक्टर बताता था, जबकि वह वार्ड बॉय है। उसने 2022 में एक “स्टार अस्पताल” भी खोला था, जहां अवैध गर्भपात जैसे काम किए जाते थे। स्वास्थ्य विभाग ने कई बार जांच की, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

पुलिस कार्रवाई तेज, कई आरोपी जेल में

पुलिस ने इस मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिनमें डॉक्टर और अस्पताल संचालक भी शामिल हैं।
वहीं, दलाल शिवम अग्रवाल के बयान दर्ज करने और कस्टडी रिमांड के लिए कोर्ट से अनुमति मिल गई है।

डीसीपी पश्चिम ने बताया कि शिवम और अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है। अभी कई आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button