
राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क अज़ान खीरी : जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके अंतर्गत आकांक्षात्मक ब्लॉकों में कार्यरत सभी एएनएम को उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (एचआरपी) की पहचान, उपचार एवं प्रबंधन के लिए दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया गया, जो मंगलवार को संपन्न हो गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी क्रम में जनपद के चारों आकांक्षात्मक ब्लॉकों में चिकित्सकों द्वारा एएनएम को प्रशिक्षित किया गया, ताकि वे क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा सकें।
प्रशिक्षण के दौरान एएनएम को हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, समुचित उपचार, प्रभावी प्रबंधन एवं आवश्यकता पड़ने पर रेफरल सेवाओं की जानकारी दी गई। साथ ही एनीमिया की जांच एवं उपचार, संतुलित आहार व पोषण परामर्श, प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) तथा सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया सीएमओ ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद एएनएम जमीनी स्तर पर गर्भवती महिलाओं की बेहतर देखभाल कर सकेंगी, जिससे जटिलताओं की समय रहते पहचान संभव होगी और गंभीर मामलों में शीघ्र उपचार मिल सकेगा। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आने की उम्मीद है प्रशिक्षण की गुणवत्ता की निगरानी डीएमएचसी लल्ला सिंह एवं जिला विशेषज्ञ (सामुदायिक स्वास्थ्य) अंशुमान पांडे द्वारा की गई। जनपद के विभिन्न आकांक्षात्मक ब्लॉकों में अलग-अलग दिनों में आयोजित यह प्रशिक्षण मंगलवार को पूर्ण हुआ।






