AC हेलमेट: ट्रैफिक पुलिस के लिए वरदान या चुनौती? लखनऊ में नया प्लान तैयार

तेज धूप में ड्यूटी कर रहे जवानों को राहत देने की तैयारी, एसी हेलमेट के साथ स्पेशल किट और नियमित हेल्थ चेकअप पर जोर

लखनऊ में ट्रैफिक पुलिस के लिए AC हेलमेट और हेल्थ किट की योजना। योगी आदित्यनाथ ने किया था शुभारंभ। जानें इसके फायदे, नुकसान और ग्राउंड रिपोर्ट।

लखनऊ। लखनऊ में चिलचिलाती गर्मी के बीच सड़कों पर ड्यूटी कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को राहत देने के लिए पुलिस विभाग अब नई तकनीक और स्वास्थ्य सुविधाओं पर काम कर रहा है। एसी हेलमेट, स्पेशल किट और नियमित हेल्थ चेकअप जैसी योजनाओं के जरिए जवानों को बेहतर सुविधाएं देने की तैयारी है।

गर्मी के मौसम में ट्रैफिक संभालना पुलिसकर्मियों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। तेज धूप, बढ़ता प्रदूषण और लगातार खड़े रहने की वजह से जवानों को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए पहले ट्रायल के तौर पर एसी हेलमेट उपलब्ध कराए गए थे।

एसी हेलमेट: कैसे करता है काम

एसी हेलमेट में इनबिल्ट बैटरी और छोटा फैन सिस्टम होता है, जो सिर के आसपास ठंडी हवा पहुंचाता है। एक बार चार्ज होने पर यह करीब 8 घंटे तक काम करता है। यह हेलमेट गर्मी में ठंडक देने के साथ सर्दी में हीटर का भी काम कर सकता है। खास डिजाइन के कारण यह हल्का और उपयोग में आसान बताया गया है।

ट्रायल में मिले मिले-जुले नतीजे

हालांकि, ट्रायल के दौरान एसी हेलमेट को लेकर कुछ सीमाएं भी सामने आईं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ सिर का तापमान कम करता है, जबकि शरीर का बाकी हिस्सा गर्म ही रहता है। ऐसे में पूरी तरह राहत नहीं मिल पाती। इसके संभावित स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर भी सवाल उठे हैं।

अभी भी इंतजार में जवान

वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसी हेलमेट योजना की शुरुआत की थी, लेकिन अभी तक सभी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को यह सुविधा नहीं मिल पाई है। कई चौराहों पर जवान आज भी बिना एसी हेलमेट के ड्यूटी करते नजर आते हैं।

स्पेशल किट और नई पहल

पुलिस विभाग अब एक नई स्पेशल किट देने की योजना पर काम कर रहा है। इस किट में धूप से बचाव के उपकरण, पानी की बोतल और ओआरएस जैसी जरूरी चीजें शामिल होंगी। इसके लिए आईटी कंपनियों से भी बातचीत जारी है।

हेल्थ चेकअप पर जोर

लंबे समय तक धूप और प्रदूषण में काम करने वाले जवानों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नियमित हेल्थ चेकअप की भी योजना बनाई जा रही है। इसके लिए अस्पतालों के साथ समन्वय किया जा रहा है, ताकि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच हो सके।

हीट स्ट्रोक का खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार 40 डिग्री से अधिक तापमान में लगातार धूप में काम करना खतरनाक हो सकता है। इससे डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में पुलिसकर्मियों को पर्याप्त पानी पीने और समय-समय पर आराम लेने की सलाह दी गई है।

1500 जवानों पर ट्रैफिक की जिम्मेदारी

राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए करीब 1500 पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो दिन-रात सड़कों पर ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसे में उनके लिए बेहतर संसाधन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद जरूरी हो गया है।

एसी हेलमेट और स्पेशल किट जैसी पहलें ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए राहत की उम्मीद जरूर जगाती हैं, लेकिन इन योजनाओं का प्रभाव तभी दिखेगा जब इन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा। फिलहाल, जवान बेहतर सुविधाओं के इंतजार में हैं।

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