“लखनऊ के विभूतिखंड में 75 लाख की लूट का पुलिस ने खुलासा किया। 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर 45 लाख नकद और स्कॉर्पियो बरामद की गई। जानिए पूरा मामला।“
हाइलाइट्स:
- 75 लाख की लूट का पुलिस ने किया खुलासा
- 5 शातिर आरोपी गिरफ्तार
- 45 लाख रुपये नकद बरामद
- बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो जब्त
- CCTV और सर्विलांस से मिली सफलता
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के Vibhuti Khand थाना क्षेत्र में हुई 75 लाख रुपये की लूट की वारदात का पुलिस ने महज पांच दिन में सनसनीखेज खुलासा कर दिया। पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच, सर्विलांस टीम (पूर्वी जोन) और Vibhuti Khand Police Station की संयुक्त टीम ने इस मामले में पांच शातिर लुटेरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 45 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की काली स्कॉर्पियो बरामद की है।

क्या थी पूरी घटना?
घटना 5 अप्रैल 2026 की है, जब गुजरात के परपाटन निवासी व्यापारी निकुल सिंह जडेजा लखनऊ में होटल से कैश कलेक्शन कर लौट रहे थे। इसी दौरान स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने उन्हें धक्का देकर उनके पास मौजूद करीब 75 लाख रुपये से भरा बैग छीन लिया और मौके से फरार हो गए।
इस संबंध में थाना विभूतिखण्ड में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर कई टीमें गठित कीं।
ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों का रूट मैप तैयार किया। सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई।
10 अप्रैल को पुलिस टीम ने कठौता झील के पास घेराबंदी कर सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने लूट की पूरी साजिश और घटना को अंजाम देने की बात कबूल की।
अंदरूनी व्यक्ति निकला मास्टरमाइंड
जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इस लूट की साजिश होटल के ड्राइवर राहुल यादव ने ही रची थी।
- राहुल वर्षों से विभिन्न जिलों में होटल का कैश कलेक्शन करता था
- भारी रकम को देखकर उसके मन में लालच आया
- उसने यह जानकारी अपने चचेरे भाई आकाश यादव को दी
- आकाश ने अपने दोस्त सलमान के जरिए अन्य अपराधियों से संपर्क कराया
इसके बाद मुख्य आरोपी राजकुमार, सुमित और विशाल समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई गई।
कैसे दिया वारदात को अंजाम?
योजना के तहत जैसे ही कैश से भरा बैग होटल से बाहर निकला:
- आरोपियों ने पहले से रेकी कर रखी थी
- स्कॉर्पियो (बिना नंबर प्लेट) में सवार होकर मौके पर पहुंचे
- पीड़ित को धक्का देकर बैग छीना और तुरंत फरार हो गए
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, वे हैं:
- अतुल कुमार रावत (32 वर्ष)
- विशाल सिंह (25 वर्ष)
- राहुल यादव (26 वर्ष)
- आकाश यादव (26 वर्ष)
- अमित कुमार गुप्ता (26 वर्ष)
इनमें से विशाल सिंह और अतुल रावत का पहले से आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसमें मारपीट, लूट और धोखाधड़ी जैसे मामले दर्ज हैं।
क्या-क्या हुआ बरामद?
- ₹45 लाख रुपये नकद (₹500 की गड्डियों में)
- काली स्कॉर्पियो (बिना नंबर प्लेट)

किन धाराओं में कार्रवाई?
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4), 317(2), 317(5) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच, सर्विलांस टीम और थाना विभूतिखण्ड पुलिस की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तकनीकी जांच, सीसीटीवी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के चलते पुलिस को बड़ी सफलता मिली।
लखनऊ पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी लूट की वारदात का जल्द खुलासा संभव हो सका। इस मामले में अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका सामने आने से यह भी स्पष्ट हुआ कि आर्थिक लालच किस तरह गंभीर अपराध का कारण बन सकता है। वहीं, पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है, ताकि पूरे गिरोह का सफाया किया जा सके।
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