यूपी में निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्ती, कई जिलों में नोटिस और जुर्माने की कार्रवाई

फीस वृद्धि, महंगी किताबें और ड्रेस को लेकर प्रशासन अलर्ट; आगरा, फिरोजाबाद, प्रयागराज समेत कई जिलों में जांच तेज

UP School Fee News: उत्तर प्रदेश में निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी और महंगी किताबों पर प्रशासन सख्त। आगरा, फिरोजाबाद, प्रयागराज समेत कई जिलों में नोटिस और जुर्माना।

लखनऊ। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश में निजी स्कूलों द्वारा फीस बढ़ोतरी और महंगी किताबों के नाम पर अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालने के मामलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। Uttar Pradesh के कई जिलों में स्कूलों के खिलाफ नोटिस जारी करने से लेकर भारी जुर्माने तक की कार्रवाई शुरू हो गई है।

आगरा में सबसे बड़ी कार्रवाई

Agra में 55 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। इनमें से एक स्कूल पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जांच में सामने आया कि कई स्कूलों ने:

  • निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें अनिवार्य कीं
  • तय दुकानों से ही यूनिफॉर्म और स्टेशनरी खरीदने का दबाव बनाया
  • स्कूल परिसर में ही किताबों की बिक्री करवाई

फिरोजाबाद और एटा में भी कार्रवाई

Firozabad में 5 स्कूलों को एक-एक लाख रुपये के जुर्माने का नोटिस दिया गया है।
वहीं Etah में भी 5 स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

अलीगढ़ और सहारनपुर में जांच तेज

Aligarh में निरीक्षण के दौरान छात्रों के बैग में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें मिलने पर तीन स्कूलों को नोटिस दिया गया।
Saharanpur में नियमों के उल्लंघन पर कुछ प्रमुख स्कूलों को भी नोटिस जारी किया गया है।

प्रयागराज में फीस वृद्धि की जांच

Prayagraj में जिला शुल्क नियामक समिति ने स्कूलों से पिछले 5 वर्षों में फीस वृद्धि का पूरा रिकॉर्ड 10 दिनों में जमा करने को कहा है।
इसके साथ ही यह भी पूछा गया है कि:

  • हर साल एडमिशन फीस क्यों ली जा रही है
  • फीस के अनुपात में शिक्षकों के वेतन में कितनी बढ़ोतरी हुई
  • स्कूल वेबसाइट पर फीस का पूरा विवरण उपलब्ध है या नहीं

लखनऊ और हरदोई में विशेष जांच दल

Lucknow और Hardoi में जिला प्रशासन ने विशेष जांच कमेटियां गठित की हैं। ये टीमें दुकानों और स्कूलों पर छापेमारी कर अनियमितताओं की जांच करेंगी।

अभिभावकों को राहत देने की कोशिश

प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्कूल को अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

सख्ती का असर दिखने की उम्मीद

लगातार हो रही कार्रवाई से उम्मीद जताई जा रही है कि निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगेगी और अभिभावकों को राहत मिलेगी।

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