श्रमिक दिवस पर योगी बोले- जो दूसरों के घर इज्जत घर बनाते थे, अब उनकी इज्जत सुरक्षित है

लखनऊ में श्रमवीर गौरव समारोह का शुभारंभ, श्रमिकों को टूलकिट व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया

लखनऊ में श्रमवीर गौरव समारोह 2026 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों के सम्मान, रोजगार, राशन, इलाज और कल्याण योजनाओं पर बड़ा बयान दिया। पढ़ें पूरी खबर।

लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण से जुड़ी कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया तथा श्रमिकों को प्रमाणपत्र और टूलकिट देकर सम्मानित किया।

श्रमिकों के सम्मान पर बोले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रमिक हर मौसम में बिना रुके और बिना थके काम करता है। उसके पसीने की हर बूंद धरती को सोना उगलने के लिए प्रेरित करती है।

उन्होंने कहा, “जो श्रमिक दूसरों के घरों में इज्जत घर बनाते थे, उनकी इज्जत सड़कों पर दिखाई देती थी। जो दूसरों के लिए अन्न उपजाते थे, उनके बच्चे खाने के लिए परेशान रहते थे। जो बड़े-बड़े अस्पताल बनाते थे, उन्हें खुद इलाज नहीं मिलता था। आज ऐसा नहीं है।”

संवेदनशील सरकार से बदलाव

सीएम ने कहा कि श्रमिकों को सरकारी एजेंडे का हिस्सा बनाना तभी संभव है, जब सरकार संवेदनशील हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार श्रमिकों, गरीबों और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।

कोरोना काल का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कोविड काल का जिक्र करते हुए कहा कि जब विपक्षी नेता घरों में थे, तब डबल इंजन सरकार मैदान में थी। उन्होंने कहा कि उस समय 14 हजार बसें भेजकर श्रमिकों को घर पहुंचाने का काम किया गया। साथ ही मुफ्त भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई।

उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद भी गरीबों को मुफ्त राशन योजना का लाभ दिया जा रहा है।

यूपी में रोजगार के अवसर बढ़े

योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश के लोगों को राज्य के भीतर ही रोजगार मिल रहा है। पिछले नौ वर्षों में 18 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिला है।

उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभरा है।

मजदूरी रोकी तो सरकार करेगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कई लोग काम कराकर मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं करते थे। अब सरकार ने साफ कर दिया है कि काम के बदले दाम देना होगा। मजदूरी देने में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि औद्योगिक श्रमिकों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है और दुर्घटना में मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये तक बीमा कवर देने की तैयारी है।

उपमुख्यमंत्रियों ने भी किया संबोधन

ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में श्रमिकों की इज्जत और अधिकारों की जिम्मेदारी सरकार की है। वहीं केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने श्रमिकों का सम्मान कर नई परंपरा स्थापित की है।

श्रमिकों के बच्चों के भविष्य पर जोर

कार्यक्रम में मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सरकार चाहती है कि मजदूर का बेटा केवल मजदूर न बने, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर और अधिकारी बने। इसके लिए अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से बेहतर शिक्षा दी जा रही है।

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