पूर्व सांसद प्रो. रीता बहुगुणा जोशी के पति पी.सी. जोशी का निधन, एसजीपीजीआई में ली अंतिम सांस

लंबी बीमारी के बाद लखनऊ में हुआ निधन, पार्थिव शरीर आज देर शाम प्रयागराज लाया जाएगा; शिक्षाविद् और मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में रही पहचान

PC Joshi Death News: पूर्व सांसद और भाजपा नेता प्रो. रीता बहुगुणा जोशी के पति पीसी जोशी का लखनऊ स्थित SGPGI में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका अंतिम संस्कार प्रयागराज में किया जाएगा। शिक्षा और इंजीनियरिंग क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया जा रहा है।

लखनऊ/प्रयागराज। भाजपा की पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता प्रो. रीता बहुगुणा जोशी के पति पुरन चंद्र जोशी (पी.सी. जोशी) का सोमवार सुबह 7 बजे लखनऊ स्थित संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उपचाराधीन थे। अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके निधन की पुष्टि स्वयं प्रो. रीता बहुगुणा जोशी ने मीडिया से बातचीत में की। उन्होंने बताया कि लंबे समय से चल रही बीमारी के चलते उनका इलाज एसजीपीजीआई में चल रहा था।

शिक्षा और पेशेवर जीवन में रही मजबूत पहचान
पी.सी. जोशी एक शिक्षाविद् और मैकेनिकल इंजीनियर थे। उन्होंने मॉस्को स्थित पैट्रिस लुमुम्बा यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। वे पेशे से प्रोफेसर रहे और शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक सक्रिय योगदान दिया। उनकी पहचान एक अनुशासित, सरल और गंभीर व्यक्तित्व के रूप में रही।

राजनीतिक परिवार से जुड़ाव
रीता बहुगुणा जोशी उत्तर प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में शामिल हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा और कमला बहुगुणा की पुत्री हैं। उन्होंने कांग्रेस से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की, अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और बाद में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी रहीं। इसके बाद वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं और प्रयागराज से लोकसभा सांसद चुनी गईं। वे राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं।

1976 में हुआ था विवाह, परिवार में शोक की लहर
पी.सी. जोशी और रीता बहुगुणा जोशी का विवाह वर्ष 1976 में हुआ था। दंपति का एक पुत्र मयंक जोशी है। परिवार में पी.सी. जोशी हमेशा अपनी पत्नी के राजनीतिक जीवन में मजबूत सहारा रहे, हालांकि वे स्वयं कभी सक्रिय राजनीति में नहीं आए।

उनके निधन से परिवार के साथ-साथ प्रयागराज के शैक्षणिक और सामाजिक जगत में भी शोक की लहर है। उनके पार्थिव शरीर को आज देर शाम प्रयागराज लाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। जैसे ही यह खबर फैली, शुभचिंतकों और राजनीतिक नेताओं का घर पर पहुंचना शुरू हो गया।

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