बंगाल की मुस्लिम बहुल सीटों पर BJP की चौंकाने वाली बढ़त, बदला सियासी समीकरण

रुझानों में कई पारंपरिक TMC गढ़ों में भाजपा आगे; मुस्लिम वोटों में बिखराव के संकेत

West Bengal Election Results 2026: बंगाल के मुस्लिम बहुल जिलों में बीजेपी की अप्रत्याशित बढ़त देखने को मिल रही है। मुर्शिदाबाद, मालदा और अलीपुरद्वार जैसी सीटों पर बदलते वोट समीकरण ने सियासी तस्वीर बदल दी है। जानें पूरी रिपोर्ट।

नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। खासतौर पर मुस्लिम बहुल सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बढ़त ने सभी को चौंका दिया है। दोपहर तक के रुझानों में भाजपा 185 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) 99 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

मुस्लिम बहुल इलाकों में बदला ट्रेंड
पश्चिम बंगाल की राजनीति में 30% से अधिक मुस्लिम आबादी वाली सीटें हमेशा से निर्णायक मानी जाती रही हैं। अब तक इन इलाकों को TMC का मजबूत गढ़ माना जाता था, लेकिन इस बार के रुझान एक बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहे हैं।

मुर्शिदाबाद से लेकर मालदा तक BJP की बढ़त
मुर्शिदाबाद जिले में भाजपा उम्मीदवार गौरी शंकर घोष करीब 35 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं। इसी तरह हबीबपुर सीट पर भाजपा के जॉयल मुर्मू लगभग 28 हजार वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं।
मानबाजार में भी भाजपा उम्मीदवार मयना मुर्मू TMC की संध्या रानी टुडू से आगे चल रही हैं।

वहीं अलीपुरद्वार जैसे मुस्लिम बहुल क्षेत्र में भी भाजपा उम्मीदवार परितोष दास करीब 27 हजार वोटों से बढ़त बनाए हुए हैं। इन आंकड़ों ने संकेत दिया है कि भाजपा ने पारंपरिक समीकरणों को चुनौती दी है।

मुस्लिम वोटों में बिखराव का दावा
राज्य के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि इस बार मुस्लिम वोटों का एकतरफा झुकाव नहीं रहा। उनके अनुसार, मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर जैसे जिलों में मुस्लिम वोटों का विभाजन हुआ है, जिसका फायदा भाजपा को मिला है।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चुनावों में जहां 90–95% मुस्लिम वोट TMC के पक्ष में जाते थे, इस बार उस एकजुटता में कमी दिखाई दे रही है।

मतदाता सूची पुनरीक्षण भी बना फैक्टर
विश्लेषकों के अनुसार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का असर भी इन नतीजों पर पड़ा है। कुछ इलाकों में बड़ी संख्या में नाम कटने की बात सामने आई है, जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित हुए हैं।

उत्तर और दक्षिण बंगाल दोनों में असर
रुझानों से साफ है कि भाजपा ने उत्तर बंगाल में अपनी पारंपरिक मजबूती बरकरार रखी है, वहीं दक्षिण बंगाल में भी अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाता अब भी TMC की ओर झुकते नजर आ रहे हैं, लेकिन पहले जैसी ठोस एकजुटता नहीं दिख रही।

293 सीटों पर टिकी देश की नजर
बता दें कि पश्चिम बंगाल की कुल 294 विधानसभा सीटों में से 293 पर मतदान हुआ था। राज्य में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग हुई थी और इस बार रिकॉर्ड करीब 90% मतदान दर्ज किया गया।

फिलहाल ये आंकड़े रुझानों पर आधारित हैं, अंतिम नतीजों के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

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