“पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पहली कैबिनेट बैठक में 6 बड़े फैसले लिए। इनमें BSF को जमीन हस्तांतरण, आयुष्मान भारत योजना लागू करना और जन आरोग्य योजना शुरू करने जैसे अहम निर्णय शामिल हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।“
नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पदभार संभालते ही प्रशासनिक मोर्चे पर तेजी दिखानी शुरू कर दी है। सोमवार को आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने छह बड़े फैसलों की घोषणा की, जिनमें सीमावर्ती क्षेत्रों में सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन हस्तांतरण, आयुष्मान भारत योजना लागू करना और जन आरोग्य योजना शुरू करना प्रमुख हैं।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि “डबल इंजन सरकार” के तहत पश्चिम बंगाल में विकास कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा और जनता से किए गए वादों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से BSF को जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू कर रही है। सरकार का लक्ष्य अगले 45 दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने का है। माना जा रहा है कि इससे सीमा सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी। इसके साथ ही जन आरोग्य योजना और केंद्र सरकार की अन्य प्रमुख योजनाओं को भी आने वाले दिनों में राज्य में लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। यह फैसला राज्य के लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मतदाताओं, भारत निर्वाचन आयोग, केंद्रीय बलों, पुलिस, पर्यवेक्षकों और सभी राजनीतिक दलों का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
बैठक में राजनीतिक हिंसा के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि संघर्ष के दौरान जिन 321 लोगों की मौत हुई, यदि उनके परिवार चाहें तो सरकार उन मामलों की जांच शुरू करेगी।
इसके अलावा कैबिनेट ने मुख्य सचिव को राष्ट्रीय और राज्य कैडर के अधिकारियों के लिए केंद्र सरकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने हेतु आवश्यक कदम उठाने का अधिकार भी प्रदान किया। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक दक्षता और कार्यक्षमता में सुधार होगा।
नई सरकार के शुरुआती फैसलों को राज्य की प्रशासनिक और राजनीतिक दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण कदमों के रूप में देखा जा रहा है।
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