यूपी के 15 जिलों में बोतलबंद पानी में मिला कोलिफार्म बैक्टीरिया

कई नामी ब्रांडों का पानी जांच में असुरक्षित, सरकार ने बिक्री रोककर बाजार से मंगाई खेप

“उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में बिक रहे बोतलबंद पानी में कोलिफार्म बैक्टीरिया पाए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कई ब्रांडों के पानी को असुरक्षित घोषित कर बिक्री पर रोक लगाई है। “

लखनऊ/अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बिक रहे सील पैक बोतलबंद पानी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में 15 से अधिक जिलों में बिक रहे विभिन्न ब्रांडों के पानी में कोलिफार्म बैक्टीरिया पाए गए हैं। इसके बाद संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है और कई ब्रांडों के पानी को पीने के लिए असुरक्षित घोषित किया गया है।

डा. रोशन जैकब के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विभिन्न जिलों से सील पैक पेयजल के नमूने एकत्र कर उन्हें लखनऊ स्थित खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा था। जांच रिपोर्ट में कई नमूनों में कोलिफार्म बैक्टीरिया की पुष्टि हुई, जबकि कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक तत्व भी निर्धारित मात्रा से कम पाए गए।

जांच में लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, गोरखपुर, चित्रकूट, वाराणसी, उन्नाव, रामपुर, मैनपुरी, आजमगढ़, प्रयागराज और चंदौली समेत कई जिलों के ब्रांड शामिल हैं।

जिन कंपनियों और ब्रांडों के पानी को असुरक्षित पाया गया है, उनमें ‘क्वीन’, ‘फिट’, ‘किंग्स मैन’, ‘अमृत पियो’, ‘न्यू गंगाजल’, ‘जलज’, ‘हेल्दी ऐरा’, ‘निर्मल नीर’, ‘साईं नीर’, ‘एक्वा एसीसी’ और ‘एक्वा बोटा’ जैसे कई नाम शामिल हैं। विभाग ने संबंधित वाटर प्लांटों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाते हुए बाजार में पहुंच चुकी पानी की खेप वापस मंगाने के निर्देश दिए हैं।

विशेष रूप से अंबेडकरनगर के अकबरपुर स्थित ‘एक्वा हेल्थ’ नामक निर्मल वाटर कंपनी के नमूनों में भी कोलिफार्म बैक्टीरिया मिला। जांच के दौरान कंपनी की एक मशीन खराब पाई गई, जिसके बाद पानी की आपूर्ति रोक दी गई। बाद में मशीन बदलने और पांच स्तर की जांच पूरी होने के बाद प्लांट को दोबारा संचालन की अनुमति दी गई।

खाद्य विभाग के अनुसार कोलिफार्म बैक्टीरिया विशेष रूप से दूषित पानी और मलजनित संक्रमण का संकेत माना जाता है। इससे दस्त, उल्टी, पेट दर्द, बुखार, पेचिश, टाइफाइड और हैजा जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। ई-कोलाई के कुछ खतरनाक स्ट्रेन आंतों में गंभीर संक्रमण और गुर्दे की विफलता तक का कारण बन सकते हैं।

सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय श्रवण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शासन के निर्देश पर सील पैक पानी की व्यापक जांच कराई गई थी। जिन कंपनियों के नमूने असुरक्षित पाए गए, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और बाजार से संबंधित स्टॉक हटाने का काम जारी है।

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