“उत्तर प्रदेश में मौसम पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने के लिए 450 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और 2000 ऑटोमैटिक रेन गेज से निगरानी की जा रही है। वहीं लखनऊ में बढ़ते बिजली संकट के बीच संवेदनशील उपकेंद्रों पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।“
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी, मौसम आपदाओं और बढ़ते बिजली संकट को लेकर सरकार ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। राजधानी लखनऊ में शनिवार को तीन अहम मुद्दों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें हुईं, जिनमें मौसम पूर्व चेतावनी प्रणाली, बिजली व्यवस्था और राजस्व मामलों के निस्तारण को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक सटीक, त्वरित और जनकेंद्रित बनाने के निर्देश दिए। साथ ही लखनऊ में बिजली संकट को देखते हुए संवेदनशील उपकेंद्रों पर अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाने और रात्रिकालीन जांच अभियान चलाने का फैसला लिया गया है।
450 वेदर स्टेशन और 2000 रेन गेज से निगरानी
प्रदेश में मौसम की सटीक जानकारी और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए वर्तमान में 450 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और 2000 ऑटोमैटिक रेन गेज के जरिए मौसम की निगरानी की जा रही है।
इसके अलावा विभिन्न जिलों में डॉप्लर वेदर रडार भी स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और अन्य मौसम आपदाओं की समय रहते चेतावनी दी जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों और संवेदनशील क्षेत्रों तक ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ सुनिश्चित की जाए। इसके लिए आईवीआरएस, पंचायत स्तर पर लाउडस्पीकर, मोबाइल अलर्ट, स्थानीय एफएम रेडियो और सोशल मीडिया का व्यापक इस्तेमाल करने को कहा गया है।
राजस्व मामलों में अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब देरी होने पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
सरकार के अनुसार लगातार मॉनिटरिंग के कारण लंबित राजस्व वादों की संख्या 22 लाख से घटकर 10 लाख रह गई है। वहीं धारा-80 के मामलों की संख्या 85 हजार से घटकर 38 हजार तक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री ने तकनीक आधारित व्यवस्था को और मजबूत करने तथा शेष मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बिजली संकट पर विशेष निगरानी
भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए यूपी पावर कॉरपोरेशन ने भी सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने बिजली व्यवस्था की समीक्षा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे और शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रात में अचानक बढ़ने वाले बिजली लोड वाले क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाने को कहा गया है। साथ ही 1912 हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ के उपकेंद्रों पर रात में अफसर तैनात
पावर कॉरपोरेशन की प्रबंध निदेशक रिया केजरीवाल की ओर से जारी आदेश के अनुसार लखनऊ के सभी संवेदनशील 33/11 केवी उपकेंद्रों पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
यह व्यवस्था 31 मई तक लागू रहेगी। अधिकारी रोजाना रात 8 बजे से 1 बजे तक फील्ड में मौजूद रहकर बिजली व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
राजाजीपुरम, अमीनाबाद, आरडीएसओ, नूरबाड़ी, फैजुल्लागंज, लखनऊ विश्वविद्यालय, नादरगंज, शारदा नगर, कमता और लौलाई समेत 30 से अधिक उपकेंद्रों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
दो अधिशासी अभियंता निलंबित
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के निर्देश पर बिजली विभाग में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
गाजियाबाद में अधिशासी अभियंता योगेश कुमार और राहुल को निलंबित कर दिया गया है। मंत्री ने साफ कहा है कि भीषण गर्मी के दौरान बिजली आपूर्ति और जनसुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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