“राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की नेता और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सारण के प्रवक्ता हरेलाल यादव के निष्कासन पर पार्टी नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं पर तीखा हमला बोला। जानिए बिहार की राजनीति में क्यों मचा नया सियासी घमासान।“
पटना। बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के भीतर एक बार फिर अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। पार्टी के सारण जिला प्रवक्ता हरेलाल यादव के छह वर्षों के लिए निष्कासन के बाद रोहिणी आचार्य ने पार्टी नेतृत्व और कुछ वरिष्ठ नेताओं पर खुला हमला बोल दिया। लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कई पोस्ट कर पार्टी के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और संगठन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
हरेलाल यादव के निष्कासन पर जताई नाराजगी
रोहिणी आचार्य ने कहा कि हरेलाल यादव जैसे जमीनी और सक्रिय कार्यकर्ता को पार्टी से बाहर करना उचित फैसला नहीं है। उनके मुताबिक, अनुशासनहीनता के नाम पर की गई यह कार्रवाई संगठन के हित में नहीं है। उन्होंने दावा किया कि हरेलाल यादव पर लगाए गए आरोप वास्तविकता से अधिक राजनीतिक प्रतीत होते हैं।
‘क्या अब सच बोलने वालों के लिए जगह नहीं?’
अपने पोस्ट में रोहिणी ने सवाल उठाया कि क्या अब पार्टी में उन लोगों के लिए जगह नहीं बची है, जो संगठन के हित में खुलकर अपनी बात रखते हैं। उन्होंने कहा कि यदि ईमानदारी से काम करने वाले कार्यकर्ताओं को ही बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा, तो इससे संगठन कमजोर होगा।
वरिष्ठ नेताओं पर सीधे आरोप
रोहिणी आचार्य ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं संजय यादव, सुनील सिंह और रमीज का नाम लेते हुए उन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग संगठन को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर करने में लगे हैं। उनके अनुसार, सारण में पार्टी ऐसे लोगों के प्रभाव में आ गई है, जो राजद के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं।
‘कार्रवाई करनी है तो पहले मुझ पर करें’
रोहिणी ने अपने विरोध को और मुखर करते हुए कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व सवाल उठाने वालों पर कार्रवाई करना चाहता है, तो सबसे पहले उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के अधिकारों और संगठन की मजबूती के लिए आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है।
‘मैं लालू यादव की बेटी हूं, झुकूंगी नहीं’
अपने संदेश के अंत में रोहिणी आचार्य ने लिखा कि वह गलत के सामने कभी नहीं झुकेंगी। उन्होंने कहा कि वह लालू प्रसाद यादव की बेटी हैं और पार्टी को कमजोर करने वाली ताकतों के खिलाफ लगातार आवाज उठाती रहेंगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईमानदार और जमीनी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाना किसी भी राजनीतिक दल के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
राजद की अंदरूनी राजनीति पर बढ़ीं चर्चाएं
रोहिणी आचार्य के इस सार्वजनिक विरोध के बाद राजद की आंतरिक राजनीति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। ऐसे समय में जब बिहार में चुनावी माहौल धीरे-धीरे बन रहा है, पार्टी के भीतर सामने आए ये मतभेद राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अब राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर है कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और संगठन में बढ़ती असहमति को किस तरह संभालता है।
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