शिवसेना पार्षद के हमले के बाद डॉक्टर ने दिया इस्तीफा, कहा- ‘शहर छोड़ दिया, अब कभी वापस नहीं आऊंगा’

महाराष्ट्र के ठाणे स्थित शास्त्री नगर अस्पताल में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे के हमले के बाद एक डॉक्टर ने इस्तीफा देकर शहर छोड़ दिया। डॉक्टर ने कहा कि डर के माहौल में काम करना संभव नहीं है। पुलिस ने पार्षद समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों पर हुए हमले के बाद एक चिकित्सक ने नौकरी से इस्तीफा देकर शहर छोड़ दिया है। डॉक्टर का कहना है कि अस्पताल में भय का माहौल है और उनकी जान को खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अब कभी ठाणे वापस नहीं आएंगे।

‘बहुत डर का माहौल है, अब वापस नहीं जाऊंगा’

हमले का शिकार हुए डॉक्टर ने कहा कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है क्योंकि मौजूदा परिस्थितियों में काम करना संभव नहीं है। उनके अनुसार, हमलावरों का प्रभाव इतना अधिक है कि डॉक्टर खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।

डॉक्टर ने कहा, “मैंने इस्तीफा दे दिया है क्योंकि बहुत डर का माहौल है। गुंडे हम पर नजर रखे हुए हैं। मैं शहर छोड़ चुका हूं और अब दोबारा वहां नहीं लौटूंगा। दूसरे डॉक्टर काम कर सकते हैं, लेकिन मैं नहीं।”

NICU में बेड नहीं होने पर हुआ विवाद

घटना 6 जुलाई को डोंबिवली स्थित कल्याण-डोंबिवली नगर निगम के शास्त्री नगर अस्पताल में हुई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, नवजात शिशु के परिजनों को डॉक्टरों ने बताया था कि अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में सभी बेड भरे हुए हैं। बेहतर इलाज के लिए बच्चे को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई थी।

इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और अस्पताल में मौजूद कुछ लोगों ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट शुरू कर दी।

वीडियो में कैद हुई मारपीट

घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया। वीडियो में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे एक डॉक्टर को थप्पड़ और घूंसे मारते तथा उनके सिर पर रजिस्टर से हमला करते दिखाई दिए। वीडियो में एक महिला डॉक्टर के साथ भी हाथापाई होती नजर आई, जिससे चिकित्सा समुदाय में भारी नाराजगी फैल गई।

पार्षद समेत चार आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके तीन सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने भी मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

रेजिडेंट डॉक्टरों का विरोध जारी

महाराष्ट्र स्टेट एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD) ने आरोपियों की गिरफ्तारी का स्वागत किया है, लेकिन संगठन का कहना है कि केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है। डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अस्पतालों में हिंसा रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए। इसी मांग को लेकर रेजिडेंट डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है।

डॉक्टरों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चिकित्सा संगठनों का कहना है कि यदि डॉक्टर सुरक्षित माहौल में काम नहीं कर पाएंगे, तो इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई और अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना समय की मांग है।

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