“TMC Rebel Group Support NDA: तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के समर्थन से NDA की ताकत बढ़ी। काकोली घोष दस्तीदार का कद बढ़ा, संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और लोकसभा-राज्यसभा के नए राजनीतिक समीकरणों पर बड़ी रिपोर्ट।“
नई दिल्ली, 15 जून। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों द्वारा केंद्र की मोदी सरकार को समर्थन दिए जाने के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की राजनीतिक स्थिति और अधिक मजबूत होती दिखाई दे रही है। इस घटनाक्रम ने न केवल गठबंधन के भीतर शक्ति संतुलन को प्रभावित किया है, बल्कि सहयोगी दलों के बीच नए समीकरण भी गढ़ दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अब तक एनडीए की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एन. चंद्रबाबू नायडू की जगह टीएमसी के बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार एक अहम शक्ति केंद्र के रूप में उभर रही हैं।
बागी गुट बना एनडीए का सबसे बड़ा सहयोगी समूह
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, टीएमसी के बागी धड़े को अब तक लगभग 20 सांसदों का समर्थन प्राप्त हो चुका है। यह संख्या एनडीए के प्रमुख सहयोगी दलों में शामिल तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) से भी अधिक बताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि लोकसभा में इस गुट की संख्या 22 तक पहुंच सकती है, जबकि राज्यसभा में भी इनके समर्थन का आंकड़ा बढ़ने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो गठबंधन की आंतरिक राजनीति में इस गुट का प्रभाव और बढ़ जाएगा।
मंत्रिमंडल विस्तार में बढ़ सकती है हिस्सेदारी
राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, संभावित केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में बागी गुट अपने लिए दो कैबिनेट मंत्री और एक राज्य मंत्री पद की मांग कर रहा है। वर्तमान में टीडीपी और जदयू को केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व प्राप्त है, लेकिन सांसदों की संख्या के आधार पर टीएमसी बागी गुट भी अपने लिए बड़ी हिस्सेदारी की दावेदारी पेश कर रहा है।
यदि भाजपा नेतृत्व इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाता है, तो केंद्र सरकार में गठबंधन सहयोगियों की भूमिका और प्रतिनिधित्व का नया संतुलन देखने को मिल सकता है।
लोकसभा में 300 के पार पहुंचा एनडीए
बागी सांसदों के समर्थन के बाद लोकसभा में एनडीए का आंकड़ा 300 के पार पहुंचने की बात कही जा रही है। इससे सरकार को महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत फैसलों को आगे बढ़ाने में अतिरिक्त राजनीतिक मजबूती मिल सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत संख्या बल के कारण केंद्र सरकार भविष्य की बड़ी राजनीतिक और संवैधानिक पहलों को लेकर अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकती है।
बदलते समीकरणों पर विपक्ष की नजर
टीएमसी में जारी राजनीतिक उथल-पुथल और बागी गुट की सक्रियता ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी नई हलचल पैदा कर दी है। वहीं, विपक्षी दल इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि बागी गुट स्वतंत्र पहचान बनाए रखता है या किसी अन्य राजनीतिक दल अथवा गठबंधन के साथ औपचारिक रूप से जुड़ता है।
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