राहुल गांधी की पीएम मोदी और अमित शाह को चुनौती- ‘Gen-Z को धमका नहीं सकते, भारत के भविष्य के साथ व्यवहार पर रहें सावधान’

NEET पेपर लीक 2026 और छात्र प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी और अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

नई दिल्ली: NEET Paper Leak 2026 और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि “पीएम मोदी और अमित शाह Gen-Z को चुप रहने के लिए धमका नहीं सकते।” उन्होंने सरकार को युवाओं के साथ व्यवहार को लेकर सावधान रहने की बात कही।

राहुल गांधी ने लगाए दमन के आरोप

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर कार्रवाई की गई और अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। राहुल गांधी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि भारत का भविष्य युवाओं से जुड़ा है और उनके साथ व्यवहार सोच-समझकर किया जाना चाहिए।

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर भी उठाए सवाल

इससे पहले राहुल गांधी ने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे।

उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र हाई पावर कमेटी बनाने की मांग की थी।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया था, जिसमें उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे।

विपक्ष ने संसद परिसर में किया प्रदर्शन

NEET पेपर लीक और छात्र प्रदर्शन के मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।

इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई और सरकार की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने पूछा कि जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश किसने दिया।

परीक्षा संशोधन बिल पर भी जारी है विवाद

छात्रों के प्रदर्शन के बीच संसद में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 को लेकर भी बहस हुई।

सरकार का कहना है कि यह कानून पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए बड़ा कदम है, जबकि विपक्ष ने सरकार की मंशा और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

Gen-Z Protest बना राजनीतिक मुद्दा

NEET Paper Leak 2026 के बाद छात्रों का आंदोलन अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।

जहां सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष छात्रों पर कार्रवाई और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है।

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