“उत्तर प्रदेश GST कलेक्शन में महाराष्ट्र के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में 21.82 लाख सक्रिय GST टैक्सपेयर हैं और राज्य कर विभाग को पारदर्शी व डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है।”
लखनऊ। उत्तर प्रदेश देश की ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य तक पहुंचाने में GST और टैक्स प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कर संग्रह बढ़ाने के साथ-साथ ईमानदार व्यापारियों को सुविधा, सम्मान और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कर प्रणाली को और अधिक सरल, डिजिटल और जवाबदेह बनाया जाए ताकि व्यापारियों का भरोसा मजबूत हो सके।
बैठक में सामने आए आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश ने GST और VAT के जरिए कुल 1,15,977 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया। GST कलेक्शन के मामले में महाराष्ट्र पहले स्थान पर रहा जबकि उत्तर प्रदेश दूसरे और कर्नाटक तीसरे स्थान पर रहा।
प्रदेश में GST बकाया वसूली के तहत 2658 करोड़ रुपये जमा हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 228 प्रतिशत अधिक हैं। वहीं VAT बकाया वसूली में 800 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो बीते वर्ष से 29 प्रतिशत अधिक हैं।
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 1,98,071 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य तय किया है। इसमें GST से 1,49,956 करोड़ रुपये और VAT से 48,115 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
अप्रैल 2026 में उत्तर प्रदेश ने 10,896 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.6 प्रतिशत अधिक है। गौतमबुद्ध नगर जोन ने 18 प्रतिशत वृद्धि के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि सहारनपुर और वाराणसी जोन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्जी फर्मों और कर चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि बोगस फर्मों के खिलाफ 477 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 168 गिरफ्तारियां हुई हैं। 180 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट भी ब्लॉक की गई है।
प्रदेश में 21.82 लाख सक्रिय GST करदाता हैं, जिसके साथ उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा GST टैक्सपेयर राज्य बन गया है। GST रजिस्ट्रेशन की औसत अवधि उत्तर प्रदेश में केवल 8 दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 14 दिन है।
रिटर्न फाइलिंग में भी उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय औसत से आगे है। प्रदेश में 93 प्रतिशत मासिक रिटर्न समय पर दाखिल किए जा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 91 प्रतिशत है। GST रिफंड की औसत अवधि भी यूपी में 27 दिन है, जो राष्ट्रीय औसत 48 दिन से काफी बेहतर है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यापारी संवाद कार्यक्रमों को और व्यापक बनाया जाए तथा जिला और खंड स्तर तक जागरूकता अभियान चलाए जाएं। जून 2026 से राज्य कर विभाग खंड स्तर पर विशेष संवाद कार्यक्रम शुरू करेगा।
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