“IndiGo एयरलाइन DGCA चेतावनी मामले में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर एयरलाइन को पत्र जारी किया है। जनवरी 2026 के कार्गो रिसाव मामले में SOP का पालन नहीं करने पर सुधारात्मक कदम और एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी गई है।“
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी घरेलू विमानन कंपनी इंडिगो एयरलाइन पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने सुरक्षा नियमों में लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाया है। डीजीसीए ने जनवरी 2026 में सामने आए कार्गो रिसाव मामले में नियमों के उल्लंघन को लेकर इंडिगो को औपचारिक चेतावनी पत्र जारी किया है।
नियामक ने एयरलाइन से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने और उसकी रिपोर्ट सौंपने को कहा है। हालांकि, डीजीसीए की कार्रवाई के बाद इंडिगो पर कोई आर्थिक जुर्माना या उड़ान संचालन संबंधी प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला जनवरी 2026 का है, जब इंडिगो की एक उड़ान के लैंड करने के बाद जमीन पर कार्गो रिसाव पाया गया था। जांच में सामने आया कि रिसाव में खतरनाक सामान (Dangerous Goods) शामिल था।
घटना के बाद डीजीसीए ने इंडिगो की दिल्ली स्थित इंजीनियरिंग स्टोर सुविधा का विशेष निरीक्षण और ऑडिट किया। जांच में पाया गया कि एयरलाइन की ओर से निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था।
डीजीसीए के अनुसार यह लापरवाही विमान (खतरनाक माल का परिवहन) नियम, 2026 के प्रावधानों के उल्लंघन के दायरे में आती है।
DGCA ने मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट
डीजीसीए ने इंडिगो को निर्देश दिया है कि वह जल्द से जल्द एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) जमा करे। इसमें एयरलाइन को बताना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं।
इसके अलावा एयरलाइन को अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा करने और खतरनाक सामानों के सुरक्षित संचालन से जुड़े व्यावहारिक प्रशिक्षण को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
शेयर बाजार को जानकारी देने में हुई देरी
इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने नियामकीय फाइलिंग में बताया कि उसे डीजीसीए का चेतावनी पत्र 8 जुलाई 2026 को मिला था।
कंपनी ने यह भी बताया कि इस मामले की जानकारी शेयर बाजारों को देने में देरी हुई। कंपनी के अनुसार यह देरी जानबूझकर नहीं हुई, बल्कि आंतरिक संचार प्रक्रिया में कमी के कारण जानकारी साझा करने में समय लगा।
इंडिगो ने कहा- संचालन पर नहीं पड़ेगा असर
इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि डीजीसीए की चेतावनी के कारण कंपनी पर कोई वित्तीय जुर्माना, परिचालन रोक या अन्य प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। इसलिए कंपनी के रोजमर्रा के संचालन और वित्तीय स्थिति पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब इंटरग्लोब एविएशन ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ₹2,536 करोड़ का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया है।
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