दतिया में बवाल के बाद धारा 163 लागू, सभा-जुलूस पर रोक; नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से की शांति की अपील

मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार बदले जाने के बाद विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। 12 घंटे तक ग्वालियर-झांसी हाईवे जाम रहा। हालात को देखते हुए प्रशासन ने धारा 163 लागू कर सभा, जुलूस और पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया।

भोपाल/दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद जिले में विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने पूरे दतिया जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत बिना अनुमति किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, प्रदर्शन और पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट पर भी प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है।

12 घंटे तक जाम रहा ग्वालियर-झांसी हाईवे

भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे शुरू हुआ, जो शनिवार सुबह लगभग पांच बजे तक जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने ग्वालियर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया, जिससे करीब 15 से 20 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। रातभर हजारों यात्री जाम में फंसे रहे और आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प

शनिवार तड़के करीब साढ़े चार बजे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। प्रशासन के अनुसार प्रदर्शन के दौरान पथराव हुआ, जिसमें पुलिस अधीक्षक (एसपी), भांडेर के एसडीओपी सहित आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद अधिकांश प्रदर्शनकारी पास स्थित भाजपा कार्यालय की ओर चले गए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज नहीं किया गया।

धारा 163 के तहत सख्त प्रतिबंध

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी। आदेश के अनुसार बिना सक्षम अनुमति कोई भी सार्वजनिक सभा, जुलूस या धरना-प्रदर्शन आयोजित नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा पांच या अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर भी रोक रहेगी। सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

नरोत्तम मिश्रा ने की शांति बनाए रखने की अपील

उधर, टिकट नहीं मिलने के बाद डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संयम बरतने और किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शन से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के निर्णय का सभी कार्यकर्ताओं को सम्मान करना चाहिए। उन्होंने समर्थकों से भावनाओं में बहकर पेट्रोल या केरोसिन डालने जैसे अतिवादी कदम नहीं उठाने की भी अपील की।

‘मतभेद पार्टी मंच पर रखें’

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि यदि किसी कार्यकर्ता को किसी निर्णय पर असहमति है तो उसे पार्टी के उचित मंच पर रखा जाना चाहिए। सार्वजनिक विरोध या हिंसक प्रदर्शन पार्टी की परंपरा और अनुशासन के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में काम करने का आह्वान किया।

प्रशासन की स्थिति पर नजर

प्रशासन ने जिले में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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