“मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी अस्पतालों में 3 महीने से कम एक्सपायरी वाली दवाएं रखने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मेडिकल कॉलेज, आयुष्मान योजना, एम्बुलेंस और स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा फैसला लिया गया।“
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पतालों में तीन महीने से कम एक्सपायरी अवधि वाली दवाएं नहीं रखी जाएंगी। ऐसी दवाओं को तत्काल हटाकर नई दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर की जाए। उन्होंने चिकित्सा संस्थानों को आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ डॉक्टरों और बेहतर प्रबंधन से मजबूत करने पर जोर दिया।
प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे का तेजी से विस्तार
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में 108 जिला चिकित्सालय, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 3757 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 27,668 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं।
वर्ष 2025-26 के दौरान सरकारी अस्पतालों में 26.41 करोड़ ओपीडी सेवाएं और 1.23 करोड़ आईपीडी सेवाएं दी गईं, जबकि 24.33 करोड़ पैथोलॉजी जांचें की गईं।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2016-17 की तुलना में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई है। इसी अवधि में एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12,800 तक पहुंच गई हैं, जबकि पीजी सीटों में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नर्सिंग शिक्षा और रिसर्च को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल संस्थानों की संख्या बढ़ाना नहीं बल्कि प्रदेश को प्रशिक्षित डॉक्टर, विशेषज्ञ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध कराना है।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 652 नर्सिंग संस्थान संचालित हैं और लगभग 3.95 लाख पंजीकृत नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध हैं। ‘मिशन निरामया 1.0’ के तहत 17 हजार स्कूलों में परामर्श सत्र आयोजित किए गए तथा 10,570 नर्सिंग संकाय सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया।
मुख्यमंत्री ने मेडिकल संस्थानों में रिसर्च आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने बताया कि ‘UP-IMRAS’, मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट और मेडटेक कार्यक्रमों पर तेजी से काम चल रहा है।
आयुष्मान योजना और कैशलेस इलाज पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत बन रही है। उन्होंने अस्पतालों के क्लेम का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलती रहें।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 6480 अस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़े हैं और अब तक 96.75 लाख से अधिक मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष पद्धतियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की आईपीडी सेवाओं को भी योजना का हिस्सा बनाया जाए।
आशा वर्करों के भुगतान और एम्बुलेंस सेवा पर निर्देश
सीएम योगी ने निर्देश दिए कि कोविड काल में सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर समायोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि आशा वर्करों का भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित नहीं रहना चाहिए।
एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकालीन स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए रिस्पॉन्स टाइम और कम किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 375 एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस संचालित हैं और अब तक 9.38 लाख मरीजों को रेफर किया जा चुका है।
मेडिकल कॉलेजों और सुपर स्पेशियलिटी परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में 376 से अधिक रोबोटिक सर्जरी और 250 से ज्यादा किडनी प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं। संस्थान में प्रदेश का पहला गामा नाइफ सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है।
इसके अलावा संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में 500 बेड वाले एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता एक साथ दिखाई देनी चाहिए। तभी सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”





