CBSE OSM विवाद पर बड़ा एक्शन संभव, राजनाथ सिंह आवास पर हाईलेवल मीटिंग से मचा हड़कंप

12वीं रिजल्ट में गड़बड़ियों पर सरकार ने मानी जिम्मेदारी, IIT कानपुर और IIT मद्रास को सौंपी गई निगरानी

CBSE OSM गड़बड़ी 2026 को लेकर दिल्ली में हलचल तेज हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हाईलेवल मीटिंग में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, PMO अधिकारी और CBSE अधिकारी शामिल हुए। छात्रों की शिकायतों के बाद OSM सिस्टम, IIT Kanpur, IIT Madras, CBSE Result 2026 और संभावित जांच पर जानें पूरी खबर।

नई दिल्ली। CBSE की 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम में सामने आई गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार की चिंता अब खुलकर सामने आने लगी है। गुरुवार को रक्षा मंत्री Rajnath Singh के आवास पर हुई हाईलेवल बैठक के बाद इस पूरे मामले में बड़े एक्शन और जांच की अटकलें तेज हो गई हैं। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan, प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और CBSE से जुड़े शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।

इस घटनाक्रम ने यह संकेत दे दिया है कि केंद्र सरकार अब CBSE OSM विवाद को केवल तकनीकी खामी मानकर छोड़ने के मूड में नहीं है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू करने के दौरान कई “डिस्क्रिपेंसी” सामने आई हैं और सरकार इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेगी।

पहली बार इतने बड़े स्तर पर लागू हुआ डिजिटल मूल्यांकन

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस वर्ष लगभग 17 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी और करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन OSM प्रणाली के जरिए किया गया। कुल 40 करोड़ से अधिक स्कैन पेज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रोसेस हुए। CBSE ने दावा किया कि यह देश में अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल इवैल्यूएशन मॉडल था।

हालांकि रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने गंभीर सवाल खड़े किए। सोशल मीडिया पर छात्रों ने आरोप लगाए कि अपलोड की गई स्कैन कॉपियां उनकी हैंडराइटिंग से मेल नहीं खा रहीं, कई उत्तरों की जांच अधूरी दिखाई दे रही है और नंबर जोड़ने में भी गड़बड़ियां सामने आई हैं।

IIT कानपुर और IIT मद्रास को निगरानी की जिम्मेदारी

विवाद बढ़ने के बाद CBSE ने तकनीकी निगरानी और सिस्टम ऑडिट के लिए Indian Institute of Technology Kanpur और Indian Institute of Technology Madras को शामिल किया है। इसके साथ ही SBI, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक के जरिए भुगतान और मूल्यांकन प्रक्रिया को इंटीग्रेटेड सिस्टम से जोड़ने की बात भी कही गई है।

CBSE का दावा है कि OSM प्लेटफॉर्म सुरक्षित और मल्टी-लेयर सिक्योरिटी ऑडिट से लैस है। बोर्ड ने यह भी कहा कि पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पहली बार छात्रों को स्कैन कॉपी देखने की सुविधा दी गई।

राहुल गांधी ने उठाई SIT और न्यायिक जांच की मांग

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने इस पूरे मामले को “बड़ा घोटाला” बताते हुए स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT गठन की मांग कर दी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जिस कंपनी को OSM का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया, उसका पिछला रिकॉर्ड विवादित रहा है और तेलंगाना बोर्ड विवादों में भी उसका नाम सामने आ चुका है।

उन्होंने दावा किया कि OSM आधारित त्रुटियों के कारण पहले भी छात्रों को गंभीर मानसिक दबाव झेलना पड़ा था। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि विवादित पृष्ठभूमि वाली कंपनी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दोबारा क्यों सौंपी गई।

धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार

राहुल गांधी के आरोपों पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विपक्ष तकनीकी सुधारों और डिजिटल इंडिया अभियान का लगातार विरोध करता रहा है। उन्होंने कहा कि यह छात्रों का संवेदनशील मामला है और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।

प्रधान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों का मानसिक दबाव कम करना और हर शिकायत का समाधान करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई गई तो जवाबदेही तय की जाएगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

क्या हो सकते हैं अगले कदम?

राजनाथ सिंह के आवास पर हुई बैठक के बाद अब कई संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है—

  • OSM सिस्टम के टेंडर और तकनीकी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय समीक्षा
  • तकनीकी पार्टनर्स और एजेंसियों की भूमिका की जांच
  • छात्रों की शिकायतों के लिए विशेष मॉनिटरिंग सेल
  • बड़े स्तर पर रिवैल्यूएशन या रिजल्ट रिव्यू
  • जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनियों पर कार्रवाई

हालांकि अभी तक केंद्र सरकार ने औपचारिक तौर पर किसी SIT या जांच एजेंसी की घोषणा नहीं की है, लेकिन घटनाक्रम यह साफ संकेत दे रहे हैं कि मामला अब केवल तकनीकी विवाद नहीं, बल्कि बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।

सबसे बड़े सवाल अब भी कायम

  • क्या केंद्र सरकार स्वतंत्र जांच कराएगी?
  • क्या OSM तकनीक लागू करने वाली कंपनी पर कार्रवाई होगी?
  • क्या लाखों छात्रों के रिजल्ट दोबारा जांचे जाएंगे?
  • क्या डिजिटल मूल्यांकन मॉडल में बड़े बदलाव होंगे?

फिलहाल सरकार ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि किसी भी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और पारदर्शिता के साथ समाधान निकाला जाएगा।

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