“लखनऊ में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण किया। इकाना स्टेडियम के पास विकसित इस नौसेना संग्रहालय में INS गोमती से जुड़े उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।“
लखनऊ। राजधानी लखनऊ को शनिवार को सैन्य विरासत और राष्ट्रभक्ति का एक नया केंद्र मिला। रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद Rajnath Singh ने इकाना क्रिकेट स्टेडियम के निकट विकसित नौसेना शौर्य वाटिका के द्वितीय चरण का लोकार्पण किया। भारतीय नौसेना के शौर्य, साहस और समुद्री सुरक्षा में उसके योगदान को समर्पित यह संग्रहालय अब आम नागरिकों और युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।
दो एकड़ क्षेत्र में विकसित नौसेना शौर्य वाटिका का उद्देश्य भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास, आधुनिक तकनीक और समुद्री सुरक्षा में उसकी भूमिका को जन-जन तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और नौसेना प्रमुख Admiral Dinesh Tripathi भी मौजूद रहे।
राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव का प्रतीक बनेगी वाटिका
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि नौसेना शौर्य वाटिका केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सैन्य गौरव और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना ने हमेशा देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करते हुए राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखा है।
उन्होंने कहा कि यह वाटिका नई पीढ़ी को सशस्त्र बलों के त्याग, समर्पण और शौर्य से प्रेरित करेगी। रक्षा मंत्री ने घोषणा की कि आने वाले समय में यहां एक पनडुब्बी भी स्थापित कराई जाएगी, जिससे संग्रहालय का आकर्षण और बढ़ेगा।
प्रमुख चौराहों पर लगाए जाएं युद्ध में इस्तेमाल टैंक: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युद्ध में विजय दिलाने वाले टैंकों और सैन्य उपकरणों को प्रदेश के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित किया जाना चाहिए। इससे युवाओं में देशभक्ति की भावना मजबूत होगी और सेना के प्रति सम्मान बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि लखनऊ पहले से ही संस्कृति, विरासत और राष्ट्रीय महत्व के स्थलों का केंद्र रहा है। अब नौसेना शौर्य वाटिका इस श्रृंखला में एक नई और महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है।
आईएनएस गोमती की विरासत से जुड़ेंगे युवा
मुख्यमंत्री ने बताया कि भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS Gomati ने लंबे समय तक देश की समुद्री सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2022 में सेवा से निवृत्त होने के बाद इसके उपकरणों और विरासत को गोमती नदी के किनारे स्थापित इस संग्रहालय में संरक्षित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यहां आने वाले युवाओं को भारतीय नौसेना की कार्यप्रणाली, सैन्य जीवन और चुनौतियों से मुकाबला करने की प्रेरणा मिलेगी।
समुद्र से जुड़ा है भारत के विकास का भविष्य
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति और विकास का भविष्य समुद्री व्यापार और समुद्री सुरक्षा से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना वैश्विक समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में नौसेना संग्रहालय स्थापित करने के पीछे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कारण हैं। सदियों पहले गंगा और गोमती जैसी नदियां इस क्षेत्र को समुद्री व्यापार से जोड़ती थीं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की लकड़ियों से जहाज निर्माण का इतिहास भी जुड़ा रहा है।
उत्तर प्रदेश का नौसेना से विशेष संबंध
नौसेना प्रमुख ने कहा कि आज भी भारतीय नौसेना में सबसे अधिक अधिकारी, नाविक और अग्निवीर उत्तर प्रदेश से आते हैं। साथ ही बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक भी इसी राज्य से जुड़े हैं। यही कारण है कि समुद्र से दूर होने के बावजूद उत्तर प्रदेश का नौसेना और समुद्री परंपराओं से गहरा रिश्ता रहा है।
उन्होंने बताया कि नौसेना शौर्य वाटिका में प्रदर्शित आईएनएस गोमती के उपकरण मुंबई स्थित मझगांव डॉकयार्ड में निर्मित युद्धपोत का हिस्सा रहे हैं। इस युद्धपोत ने ऑपरेशन कैक्टस और संसद हमले के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन पराक्रम जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में भाग लिया था।
युवाओं को मिलेगी समुद्री सुरक्षा और सैन्य इतिहास की जानकारी
नौसेना शौर्य वाटिका में स्थापित युद्धपोतों के उपकरण, नौसैनिक प्रणालियां और सैन्य प्रदर्शनी युवाओं को भारत की समुद्री शक्ति और सुरक्षा तंत्र को समझने का अवसर देंगी। अधिकारियों का मानना है कि यह केंद्र भविष्य में देशभक्ति, सैन्य अध्ययन और रक्षा जागरूकता का प्रमुख आकर्षण बनेगा।
“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”







