“उत्तर प्रदेश एटीएस ने आजमगढ़ से मोहम्मद शेख को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आईएसआई और पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है। उसके पास से 9 एमएम पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए हैं।“
लखनऊ/आजमगढ़। उत्तर प्रदेश एटीएस ने आजमगढ़ जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है। एटीएस के अनुसार गिरफ्तार युवक सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित करने और उन्हें नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद शेख के रूप में हुई है, जिसे आजमगढ़ के निजामाबाद थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। एटीएस का दावा है कि वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में था।
महिला नेता की हत्या की साजिश का आरोप
एटीएस अधिकारियों के मुताबिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि आरोपी को नेटवर्क के संचालकों की ओर से एक राजनीतिक दल की महिला नेता की हत्या का टास्क दिया गया था। आरोप है कि वह इस मिशन को अंजाम देने की तैयारी कर चुका था और इसके लिए हथियारों की व्यवस्था भी कर ली गई थी।
जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी कथित तौर पर अन्य युवाओं को भी अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहा था, ताकि भविष्य में एक संगठित स्लीपर सेल तैयार किया जा सके।
पिस्टल, कारतूस और मोबाइल बरामद
गिरफ्तारी के दौरान एटीएस ने आरोपी के कब्जे से एक 9 एमएम पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। बरामद मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कर उसके संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल फोन से नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित हैंडलरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए जोड़ने का आरोप
एटीएस के अनुसार मोहम्मद शेख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से युवाओं के संपर्क में आता था। एजेंसी का आरोप है कि वह उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रेरित कर आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहा था।
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि आरोपी कितने समय से इस नेटवर्क से जुड़ा था और उसके संपर्क किन-किन राज्यों तक फैले हुए हैं।
यूएपीए समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज
एटीएस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 148, 152 और 61(2), शस्त्र अधिनियम की धारा 3/25 तथा गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18 के तहत मामला दर्ज किया है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
नेटवर्क की कड़ियां तलाशने में जुटी एटीएस
एटीएस अब आरोपी की पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे, उसे निर्देश कहां से मिल रहे थे और कथित नेटवर्क का विस्तार कितना बड़ा है।
सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला मानते हुए इसकी बहुस्तरीय जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और आरोपी की गतिविधियों की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
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