“CJP Protest News: संसद मार्च के बीच CJP नेताओं ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सोनम वांगचुक की रिहाई और NEET 2026 पेपर लीक पीड़ित परिवारों को मुआवजा शामिल है।“
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी तीन प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा। संगठन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई और NEET-2026 पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग दोहराई।
बैठक के दौरान सरकार की ओर से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की गई। हालांकि, CJP ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की दोहराई मांग
ज्ञापन में CJP ने आरोप लगाया कि NEET-2026 पेपर लीक समेत कई राष्ट्रीय परीक्षाओं के संचालन में गंभीर अनियमितताएं हुईं और शिक्षा मंत्रालय प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा। इसी आधार पर संगठन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें पद से हटाने की मांग रखी।
संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही खामियों के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
ये हैं CJP की तीन प्रमुख मांगें
CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं—
- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिना किसी शर्त रिहाई।
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या पद से हटाया जाना।
- NEET-2026 पेपर लीक से जुड़े मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा।
NEET पेपर लीक पर लगाए गंभीर आरोप
संगठन ने आरोप लगाया कि NEET-2026 पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी अव्यवस्थाओं के कारण कई छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। CJP ने दावा किया कि पेपर लीक प्रकरण से जुड़े तनाव के चलते 21 छात्रों ने आत्महत्या की।
इसके अलावा CBSE कक्षा 12 के पोर्टल में आई तकनीकी समस्याओं और CUET परीक्षा में देरी का भी उल्लेख करते हुए शिक्षा मंत्रालय की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए।
‘अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला’
CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने मुलाकात के बाद कहा कि उन्होंने और आशुतोष रांका ने दोपहर से जेपी नड्डा के आवास पर अपनी मांगें विस्तार से रखीं। उनके अनुसार, मंत्री ने संबंधित स्तर पर बातचीत कराने का भरोसा दिया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस या अंतिम आश्वासन नहीं मिला है।
सौरभ दास ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संगठन का शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार ने धरना समाप्त करने की अपील की
बैठक के दौरान सरकार की ओर से CJP नेताओं से आंदोलन और धरना समाप्त करने का आग्रह किया गया। हालांकि, संगठन ने कहा कि वह केवल ठोस कार्रवाई और स्पष्ट निर्णय के बाद ही अपने अगले कदम पर विचार करेगा। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच संवाद की प्रक्रिया जारी है।
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